मोदी के बजट पर चिदंबरम की प्रतिक्रिया

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मोदी सरकार के द्वारा पेश किया गया आम बजट हर किसी की आलोचना का शिकार बन रहा है अब इसी क्रम में पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी. चिदम्बरम ने मोदी सरकार के बजट 2021 की आलोचना करते हुए कहा कि यह बजट ऐसा नहीं है जैसा कि संकट के दौर में होना चाहिए . पी. चिदम्बरम ने वित्त मंत्री निर्मला सीतामरण द्वारा पेश किए गए1 फरवरी को वित्त वर्ष 2021-22 के बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट ऐसा नहीं है, जैसा ऐतिहासिक संकट के दौर का बजट होना चाहिए.

उन्होंने कहा कि हर बजट अपने संदर्भ के मुताबिक होता है. अगर तेजी के दौर, गोल्डन पीरियड का बजट हो, तो बजट कुछ और होगा, लेकिन कोई बजट जब दो साल की आर्थिक सुस्ती, एक साल की मंदी के बाद आ रहा हो तो वह अलग तरह का होना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘पिछले एक साल के संकट में सबसे ज्यादा ज्यादा परेशान कौन हुआ? स्टॉक ब्रोकर, कॉरपोरट दिग्गज या मोटी सैलरी वाले प्रोफेशनल? सबसे ज्यादा प्रभावित नीचे के 20 से 30 फीसदी लोग हुए. माइग्रेंट लेबर, एमएसएमई वर्कर जिनकी नौकरियां चली गईं. सबसे पहले बजट के संसाधन पर हक इन लोगों का है.  यह बजट ऐसे लोगों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए था.

उन्होंने कहा कि यह अमीर समर्थक सरकार है. उन्होंने कहा, ‘कॉरपोरेट या अमीरों के पक्ष में रहने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन इस समय यह देखना चाहिए था कि मदद की सबसे ज्यादा जरूरत किसे है? इस समय गरीब, किसान, प्रवासी श्रमिकों की तरफदारी होनी चाहिए थी.  लोगों की सैलरी कम हो गई है, बहुत से लोग गांवों में चले गए हैं. 3.5 करोड़ लोग मनरेगा में काम तलाश रहे हैं, क्योंकि उनके पास नौकरी नहीं है.मनरेगा में काम तलाश रहे हैं, क्योंकि उनके पास नौकरी नहीं है. लोग मुफ्त भोजन के लिए कतारों में लगे दिखते है.’

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