2 करोड़ की ठगी : वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होंगे बयान

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नाइट कॉल सेंटर के जरिये अमरीका के लोगों से ठगी करने के मामले में अब एफबीआई की टीम कड़ियों को खंगालने में जुटी है। इसके लिए जल्द ही अमरीकी जांच एजेंसी एफबीआई की टीम इंदौर आएगी। मामले में जांच के लिए इंदौर पुलिस ने एफबीआई से संपर्क किया है। यह भी तय हुआ है कि जिन अमरीकी लोगों के साथ ठगी हुई है, वे वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये पुलिस व कोर्ट के समक्ष अपने बयान दर्ज कराएंगे। संभवतः ऐसा पहली बार होगा, जब इंदौर में विदेश की सबसे बड़ी एजेंसी आकर किसी मामले की जांच करेगी।

इंदौर के बाद भोपाल में इसी तरह का कॉल सेंटर पकड़ाया था। इसके बाद भोपाल पुलिस से एफबीआई ने चर्चा भी की थी। इंदौर पुलिस ने भी एफबीआई को बुलाने के लिए पत्र लिखा है।

क्या था मामला….

14 अगस्त को लसूड़िया इलाके में नाइट कॉल सेंटर पकड़ाया था। कॉल सेंटर अहमदाबाद निवासी वत्सल मेहता व करण भट्ट चला रहे थे| यहां काम करने वाले 20 अन्य युवक-युवतियों को पकड़ा गया था। ये लोग अमरीका के लोगों को फोन कर एसेंट अंग्रेजी में बात कर झांसे में लेते थे। यहां से विशेष साफ्टवेयर के जरिये फोन करते थे, जिससे अमरीकियों को स्थानीय नंबर से फोन आता था। ये लोग अमरीकियों को सोशल सिक्योरिटी कार्ड नंबर बंद होने की सूचना देते और फिर उन्हें अपनी बातों में फंसाकर कार्ड चालू करने की बात कहकर मोटी फीस वसूल कर लेते थे। आरोपी बिट क्वाइन अथवा हवाला के जरिये रुपया गुजरात में हासिल कर लेते थे। इन्होंने कुछ ही महीने में अमरीका के लोगों से करीब 2 करोड़ की ठगी की थी। अमरीका के लोगों के साथ हो रही धोखाधड़ी को जांच एजेंसी एफबीआई ने गंभीरता से लिया है।

इसके कुछ दिन बाद भोपाल में भी इस तरह कॉल सेंटर का मामला पकड़ाया। वहां भी अहमदाबाद के युवक ही धोखाधड़ी कर रहे थे। भोपाल पुलिस की सूचना पर पिछले दिनों एफबीआई की टीम भोपाल पहुंची थी और वहां पुलिस अफसरों से बात की थी। अमरीका के लोगों के साथ हो रही धोखाधड़ी को जांच एजेंसी एफबीआई ने गंभीरता से लिया है। इन लोगों ने इंदौर पुलिस व साइबर सेल की टीम ने बात की और जांच में इंदौर पुलिस का सहयोग करने के लिए आश्वासन भी दिया था।

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