कर्ज़ माफ़ी के लिए किसानों का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

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किसानों का आक्रोश एक बार फिर सामने आया है। बढ़ रही महंगाई और कर्ज के बोझ तले दबे किसान दिल्ली के रामलीला मैदान से संसद की ओर रैली निकाल रहे हैं। किसानों के साथ मजदूर भी रैली में शामिल हुए हैं। हज़ारों लोग रैली में शामिल हैं, जिस कारण सड़क पर लंबा जाम लग गया है। 

अखिल भारतीय किसान महासभा और सीटू के नेतृत्व में हजारों की संख्या में किसान और मजदूर दिल्ली के रामलीला मैदान पर मजदूर किसान संघर्ष रैली में शामिल होने आए हैं। बड़ी तादाद में किसान और मजदूर रामलीला मैदान पर इकट्ठा हो रहे हैं। इन लोगों की मुख्य मांग है महंगाई में कमी, अपनी फसलों का सही दाम, न्यूनतम भत्ता और कर्ज माफ़ी। अपनी मांगों को लेकर बुधवार सुबह बड़ी संख्या में किसान और मजदूर रामलीला मैदान से संसद मार्ग की ओर रैली निकाल रहे हैं। कुछ समय पहले हुए किसान आंदोलन में हिंसा के कारण इस बार दिल्ली प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। सड़क पर रैली होने के कारण कनॉट प्लेस में लंबा जाम लग गया है। सुबह के समय लगे जाम के कारण दिल्ली के रहवासियों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। ऑफिस के समय लगे जाम के कारण ऑफिस जाने वाले समय पर नहीं पहुंच पा रहे हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले मध्यप्रदेश के मंदसौर में हुआ किसान आंदोलन काफी हिंसक हो गया था, जिसमें कई किसानों को जान भी गवांना पड़ी थी। किसानों ने अपनी मांगें मनवाने के लिए शहरों में दूध सब्ज़ियां भेजना बंद कर दी थी और ऐसा करने वालों की सामग्री सड़क पर फेंक दी थी।

दिल्ली में हो रहे किसान आंदोलन में सभी लोग पहले रामलीला मैदान इकठ्ठा हुए और वहां से संसद भवन तक पैदल रैली निकाल रहे हैं।

उनकी मांगे हैं

मजदूरों का श्रमिक कल्याण बोर्ड में रजिस्ट्रेशन हो|

आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं  के साथ इन्साफ हो|

मनरेगा के अंतर्गत ज़्यादा दिनों का रोजगार मिले|

न्यूनतम मजदूरी लागू करना (न्यूनतम मजदूरी भत्ता 18000 रुपया प्रतिमाह तय किया जाए)|

श्रम कानून लागू करना |

किसानों के अनुसार, सरकार की नीति गलत है और वे चाहते हैं कि सरकार नीतियां बदले।

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