गरीब पाकिस्तान, गधों में अमीर

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आतंकवाद जैसे गंभीर मुद्दों की वजह से सुर्ख़ियों में रहने वाला देश पाकिस्तान इस समय खच्चरों यानी गधों की बढ़ती संख्या की वजह से सुर्ख़ियों में है| भारत के पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में गधों की संख्या 53 लाख के पार पहुंच गई है| गधों की संख्या के मामले में पाकिस्तान दूसरे स्थान पर जबकि चीन पहले स्थान पर है| तीसरे स्थान पर इथोपिया आता है|

पंजाब लाइवस्टोक डिपार्टमेंट के आंकड़ों के अनुसार, अकेले लाहौर में ही गधों की संख्या करीब 41 हजार है| इनकी बढ़ती तादाद को देखते हुए पाकिस्तान में गधों के लिए अस्पताल भी बनाया गया है, जहां इनका इलाज मुफ्त किया जाता है| पाकिस्तान में गधों की कीमत 55 हजार तक पहुंच चुकी है| गधों की वजह से यहां लोग 800 रुपए तक रोज कमा रहे हैं| वर्ष 2016 के आंकड़ों के अनुसार, यहां 51 लाख गधे थे, जो 2017 में बढ़कर 52 लाख हो गए हैं| वहीं वर्ष 2018 में यह आंकड़ा 53 पार कर चुका है|

बड़े काम का है ये गधा

पाकिस्तान ने 2017 में देश में ‘गधा विकास कार्यक्रम’ में अरबों रुपए का निवेश किया था| यह निवेश ख़ैबर-पख़्तूनख़्वाह में चीन के निवेशकों को आकर्षित करने के लिए किया गया था| पाकिस्तान पंजाब की एक रिपोर्ट के अनुसार गधे के निर्यात से मिलने वाली आय का सकल राष्ट्रीय उत्पाद का अहम हिस्सा है| चीन में गधों की खाल काफी उपयोगी मानी जाती है और इसका इस्तेमाल हेल्थ फ़ूड और पारंपरिक दवा बनाने में किया जाता है|

गधे की खाल से जिलेटिन बनता है, जिसे चीन में इजियो भी कहते हैं| पुराने समय से इसका उपयोग ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनाने वाली चीनी दवाई के तौर पर किया जाता है|

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