स्कॉलरशिप घोटाले में निदेशक,उपनिदेशक गिरफ्तार

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सेंटर फॉर कल्चरल रिसोर्सेस एंड ट्रेनिंग (सीसीआरटी) से मिलने वाली स्कॉलरशिप के घोटाले के मामले में फरार चल रहे निदेशक और उपनिदेशक को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। करोड़ों के इस घोटाले का खुलासा करीब तीन महीने पहले क्राइम ब्रांच ने किया था। क्राइम ब्रांच के डीसीपी भीष्मसिंह के मुताबिक, करीब तीन माह पहले सीसीआरटी में स्कॉलरशिप के नाम पर करोड़ों में हुए इस घोटाले की शिकायत मिली थी कि स्कॉलरशिप के नाम पर पैसा दूसरे खातों में जा रहा है।

सेंटर की तरफ से राष्ट्रीय स्तर पर 10-14 वर्ष के बच्चों को स्कॉलरशिप दी जाती है। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर ही आवेदन किया जाता है। जिन बच्चों का चयन किया जाता है, उनके बैंक खाते में ऑनलाइन स्कॉलरशिप की रकम ट्रांसफर कर दी जाती है।

क्राइम ब्रांच के अनुसार, जिन बच्चों को स्कॉलरशिप दी जानी थी, उनकी जगह अपने जानकारों के नाम और उनके अकाउंट नंबर डाल दिए गए थे। लिहाजा स्कॉलरशिप की रकम चयनित किए गए प्रतिभाशाली बच्चों के अकाउंट में जाने के बजाय फर्जी लोगों के खातों में जाती थी। फर्जी अकाउंट में रकम ट्रांसफर करने के बदले में अकाउंट होल्डर को पांच प्रतिशत कमीशन दिया जाता था। अभी तक जांच में छह बैंक अकाउंट का खुलासा हुआ है। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित हुए प्रतिभाशाली बच्चों को सेंटर फॉर कल्चरल रिसोर्सेस एंड ट्रेनिंग द्वारा स्कॉलरशिप ले रहे हर बच्चे को करीब 12 हजार रुपए उसके खाते में ट्रांसफर करने का प्रावधान है।

जांच के दौरान पुलिस को सीसीआरटी के पूर्व कर्मचारी संदीप कुमार पर शक था। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसकी इस फर्जीवाड़े में अहम भूमिका है। उससे जांच पड़ताल के दौरान निदेशक गिरीशचंद्र जोशी और उपनिदेशक अनिल कोहली की भूमिका पर भी शक हुआ। आरोपी संदीप ने यह खुलासा किया कि इन दोनों के इशारे पर ही यह घोटाला चल रहा था।

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