डोभाल को क्रेडिट पर दिग्विजयसिंह का सवाल…?

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अगस्ता घोटाले में बिचौलिये की भूमिका निभाने वाले क्रिश्चियन मिशेल के भारत प्रत्यर्पण में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की भूमिका पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह ने सवाल किया है कि क्या एनएसए को सुपर कॉप बना दिया गया है? क्या सीबीआई भी उनके तहत आ गई है। दिग्विजय ने कहा कि गांधी परिवार न कभी डरा है और न ही बैकफुट पर आया है। वहीं क्रिश्चियन मिशेल  को भारत लाने पर केंद्रीय मंत्री सत्यपालसिंह बड़ी सफलता मानते हैं, जबकि यह कोई बड़ी सफलता नहीं है।

क्या एनएसए के अंडर में सीबीआई है?

कांग्रेस नेता दिग्विजयसिंह ने कहा कि सीबीआई के प्रेस नोट में बताया गया कि पूरी जांच-पड़ताल अजीत डोभाल के मार्गदर्शन में की गई। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या पीएम मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार को सीबीआई जांच का अधिकार दे दिया है?

इनसे अपेक्षा भी क्या करें

जांच एजेंसियों द्वारा मिशेल पर गांधी परिवार को जानने की बात कबूल करते हुए जबरन साइन कराने की कोशिश और 2019 के चुनावी माहौल में यह मुद्दा उछालने के सवाल पर दिग्विजय ने कहा कि उनसे और अपेक्षा भी क्या की जा सकती है। सरकार द्वारा सबकुछ जानबूझकर किया जा रहा है।

मिशेल के मुद्दे पर बोले केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह

क्रिश्चियन मिशेल को भारत लाने पर केंद्रीय मंत्री सत्यपालसिंह बड़ी सफलता मानते हैं। उनका कहना है कि यह अपने देश के लिए बड़ी सफलता है। मिशेल को यहां पर थर्ड कंट्री से लाया गया। ब्रिटिश नागरकि को लाना एक बहुत बड़ी जीत है। इससे पूछताछ में कई बातें  सामने आएंगी। बीच में किस-किसने रिश्वत ली है, इन सब का खुलासा होगा और पूरा देश जानेगा।  मुझे विश्वास है कि सीबीआई इसको लाई है तो पूछताछ में कई अहम खुलासे होंगे। जो लोग अब तक बचते रहे, वे बेनकाब होंगे।

तंज में कहा- बाकी को भी लाएंगे

वित्तमंत्री अरुण जेटली के भ्रष्टाचार के मसले पर जीरो टॉलरेंस अपनाने और जल्द ही नीरव मोदी-विजय माल्या को भारत लाने के सवाल पर दिग्विजय ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि देखते हैं मोदीजी यह अच्छा काम कर रहे हैं| उम्मीद है कि वे बाकी को भी भारत लाएंगे।

मिशेल ने यूपीए को दी थी क्लीन चिट

पिछले दिनों एक समाचार समूह ने दुबई की जेल से ही क्रिश्चियन मिशेल का इंटरव्यू किया था, जिसमें उसने अपने पिछले बयान पर कायम रहते हुए कहा था कि इस डील में यूपीए सरकार की लीडरशिप शामिल नहीं थी। मिशेल ने यह भी बताया था कि उसे एक डील साइन करने के लिए कहा गया था, जिसमें कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ बातें थीं,  लेकिन उसने इस डील को ठुकरा दिया।

3600 करोड़ की हुई थी डील

3600 करोड़ के अगस्ता वेस्टलैंड सौदे में देश के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व पर सवाल उठते रहे हैं। खासतौर पर कांग्रेस की सीनियर लीडरशिप पर आरोप लगते रहे हैं। हालांकि, क्रिश्चियन मिशेल हर फोरम पर चॉपर डील में कांग्रेस नेतृत्व के शामिल होने की बात खारिज करता रहा है।

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