पूर्व मुख्यमंत्री के नए दफ्तर में नहीं हो सकता कामकाज

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मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस की प्रदेश समन्वय समिति के मुखिया दिग्विजयसिंह के नए दफ्तर को लेकर विवाद शुरू हो गया है। भोपाल में अपना दफ्तर खोलने की कोशिश में लगे पूर्व मुख्यमंत्री को किराये के घर में दफ्तर नहीं खोलने दिया गया। सरकारी बंगला खाली करने के बाद जब पूर्व  मुख्यमंत्री ने नए मकान में अपना कार्यालय शुरू करने की योजना बनाई तो सोसायटी ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी।

राजधानी भोपाल में सरकारी बंगला खाली करने के बाद दिग्विजय ‘रिवेरा टाउन’ में शिफ्ट हुए हैं। उनका सामान भी यहां पहुंच गया है। वहीं योजना के अनुसार, इस किराए के घर में ही उनका दफ्तर लाने की भी तैयारी  थी, लेकिन ‘रिवेरा टाउन’ सोसायटी ने दफ्तर शुरू करने की अनुमति नहीं देने दी। कारण है कि सोसायटी में किसी तरह के दफ्तर को लगाने की अनुमति नहीं है। इस मामले में दिग्विजयसिंह की ओर से कोई बयान नहीं आया है।

गौरतलब है कि दिग्विजयसिंह ने भोपाल स्थित सरकारी बंगले को खाली कर दिया था। इसके बाद श्यामला हिल्स स्थित बी-वन बंगले से दिग्विजयसिंह का सामान शिफ्ट किया गया था। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री को प्रदेश सरकार द्वारा बंगला खाली करने के निर्देश दिए गए थे, जबकि भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्रियों को विशेषाधिकार के तहत बंगले में रहने की अनुमति दी गई थी। वहीं दिग्विजयसिंह ने अपने दफ्तर के लिए भी सरकार से सरकारी आवास की मांग की थी, लेकिन उन्हें आज तक सरकारी आवास नहीं दिया गया।

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