महाकाल की शरण में पहुंचे भक्त

0

उज्जैन के बाबा महाकाल के भक्तों के लिए इस बार मंदिर प्रबंधन समिति ने श्रावण मास पर सौगात देने का मन बनाया है| बाबा महाकाल के मंदिर में श्रावण मास की शुरूआत के साथ भक्तों की भीड़ उमड़ना शुरू हो गई हैं | श्रावण मास को देखते हुए मंदिर प्रबंध समिति ने मंदिर की व्यवस्थाओं में परिवर्तन किये है और श्रावण मास के दौरान गर्भगृह मेें पूरी तरह रोक नहीं लगाई है। मंदिर प्रबंध समिति अब दर्शनार्थियों की संख्या को देखकर तुरंत निर्णय करेगी, कब और कितने समय के लिए गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित करना है|

रविवार- सोमवार को रहेगा प्रवेश निषेध

बाबा महाकाल के भक्त रविवार- सोमवार को गर्भगृह में प्रवेश नहीं कर सकेंगे| इन दो दिनों को लेकर प्रबंध समिति ने कड़े निर्णय किये है| इसके पीछे का कारण यह है की समिति किसी स्थिति में किसी प्रकार की ापर्य स्थिति निर्मित नहीं होने देना चाहती है| इस संबंध में मंदिर समिति ने निर्णय कर लिया है| इसी तरह प्रदेश भर से बाबा महाकाल को जल चढ़ाने आने वाले कावड़ यात्री केवल 4 दिन बाबा महाकाल को जल चढ़ा सकते हैं| इनके लिए मंगलवार से लेकर शुक्रवार तक के चार दिन तय किये गए हैं|

मंदिर समिति की और से बाबा महाकाल की निकलने वाली सवारी को लेकर भी कार्यक्रम तैयार किया गया है | समिति से मिली जानकारी के अनुसार इस सावन मास में 6 सवारिया निकली जाएगी| प्रति सोमवार को 4 बजे बाबा महाकाल की सवारी निकली जाएगी, जो नगर भ्रमण कर शाम 7 बजे लौट आएगी| पहली सवारी को लेकर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है| पहली सवारी 30 जुलाई सोमवार को निकलेगी|

आरती को लेकर की व्यवस्था – बाबा महाकाल 

मंदिर प्रबंध समिति ने श्रावण मास को ध्यान में रखते हुए बाबा महाकाल की आरती को लेकर व्यवस्था बनाई है| नै व्यवस्थ के मुताबिक अब भस्मआरती  के लिए तीन बजे मंदिर के पट खुलेंगे जबकि सोमवार को यह पैट रात्रि 2.30 ही खुल जाएंगे| इसके बाद सुबह 7 बजे आरती होगी, जबकि  नैवेद्य आरती का समय सुबह 10 बजे का रहेगा| संध्या पूजन का समय शाम 5 बजे होगा| जबकि भगवान की  शयन आरती रात 10.30 बजे होगी|

यह खबर भी पढ़े – राममंदिर और कुंभ बहाना, 2019 पर निशाना

यह खबर भी पढ़े – रुक जाएगा दुनिया के सबसे ऊंचे मंदिर का निर्माण?

यह खबर भी पढ़े – महाकाल मंदिर में 6000 लीटर का फ़िल्टर

Share.