प्रदेश में उठी दलित मुख्यमंत्री की मांग

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देशभर में दलित मुद्दे पर गरमाई राजनीति के बीच अब आने वाले दिनों में प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव का गणित भी बिगड़ सकता है| विधानसभा चुनाव से पहले जहां भाजपा अपने समीकरण साधने में लगी है वहीं दलित मुद्दे पर हो रही राजनीति भाजपा की परेशानी बढ़ा सकती है|

अब भाजपा में दलित मुख्यमंत्री की भी मांग उठने लगी है| शिवराजसिंह चौहान 13 साल से प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं और पिछड़ा वर्ग से आते हैं, लेकिन अब भाजपा के एक बड़े नेता ने दलित चेहरे के दम पर सत्ता में आने की मांग कर दी है|

यदि भाजपा को एक बार फिर सत्ता में वापसी करना है तो दलित चेहरे को आगे लाना चाहिए| यह मांग भाजपा नेता और एससी वित्त विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष इंद्रेश गजभिये ने की है| उन्होंने आगामी चुनाव में भाजपा से दलित मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग की हैं| इतना ही नहीं उन्होंने पार्टी के कुछ नामों को विकल्प के तौर पर सामने भी रखे हैं,  जिनमें से किसी एक को पार्टी द्वारा चुना जाए और मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया जाए|

गजभिये ने चार नाम सुझाए हैं, जिनमें केंद्रीय मंत्री थावरचंद गेहलोत, मंत्री गौरीशंकर शेजवार,  मंत्री लालसिंह आर्य और सांसद सत्यनारायण जटिया शामिल हैं। हालांकि इन नेताओं ने गजभिये के बयान से किनारा कर लिया है। चुनाव से पहले भाजपा नेता के जातिवाद को लेकर आए बयान ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है| हर वर्ग को साधने की कोशिश में जुटी भाजपा के लिए गजभिये ने नई मुश्किलें खड़ी कर दी है| वहीं दलित चेहरे को लेकर चर्चाएं भी तेज हो गई हैं|

दलितों पर बढ़ा अत्याचार

गजभिये ने कहा कि सरकार के कार्यकाल में दलितों पर अत्याचार बढ़ गए हैं। इनमें करीब 16 फीसदी की वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव से लेकर भाजपा के कई बड़े पदों पर दलित वर्ग से कोई नेता नहीं है। गजभिये ने दावा किया कि 14 अप्रैल को उन्होंने प्रधानमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलकर मांग-पत्र भी सौंप दिया है। दलित मुख्यमंत्री की मांग को लेकर गजभिये ने कहा कि मध्यप्रदेश की 80 विधानसभा सीटें दलितों एवं आदिवासियों के लिए आरक्षित हैं। प्रदेश की 7.5 करोड़ की आबादी में 3 करोड़ लोग दलित हैं, उसके अनुपात में दलित समाज को नेतृत्व नहीं मिला है। सरकार को इसके लिए विचार करना चाहिए|

कौन हैं गजभिये

इंद्रेश गजभिये प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री (कांग्रेस सरकार )भी  रह चुके हैं और प्रदेश से राज्यसभा टिकट की मांग कर रहे थेl गजभिये पूर्व में कांग्रेस में रहे और फिर भाजपा में आए। भाजपा ने उन्हें अजा वित्त विकास निगम का अध्यक्ष बनाया थाI

-पॉलिटिकल डेस्क

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