दिल्ली में कोरोना से हालात बद से बद्तर

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भारत की राजधानी दिल्ली में कोरोना का घर इस समय अपने चरम पर है और हालात बेकाबू हो चले हैं. ऐसा कहा जा सकता है कि दिल्ली में इस समय कोरोना आउट ऑफ कंट्रोल हो चुका है.दिल्ली हाईकोर्ट ने जहां छठ पूजा पर सार्वजनिक रूप से इकट्ठे होने पर साफ इनकार कर दिया है वह उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया कह रहे हैं कि दिल्ली में 90 फीसदी आईसीयू बेड भरे हुए हैं.

दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि केंद्र से 250 आईसीयू बेड की पहली खेप जल्द मिलेगी. उन्होंने बताया कि दिल्ली को केंद्र से 750 आईसीयू बेड मिलेंगे. फिलहाल, दिल्ली में 26 हजार कोरोना संक्रमित होम आइसोलेशन में हैं. दिल्ली में कोरोना के 16 हजार बेड हैं. भीड़ में जाने से संक्रमण का डर है.दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार का लॉकडाउन लगाने का कोई इरादा नहीं है. लॉकडाउन कोरोना से लड़ने का उपाय नहीं है. इससे लड़ने का एकमात्र उपाय मेडिकल मैनेजमेंट है. अभी दिल्ली में 26000 लोग होम आइसोलेशन में हैं. हमारे पास 16000 बेड हैं जिनमें से 50% बेड खाली हैं.

डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि मैं दुकानदारों को आश्वस्त करना चाहता हूं, उन्हें डरने की जरूरत नहीं है. हम लॉकडाउन लगाने का इरादा नहीं रखते हैं. हम चाहते हैं कि आपकी दुकानें खुली रहें, यदि जरूरत हो, तो कुछ बाजारों को सील किया जा सकता है, जिसका प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है, लेकिन यह किसी भी तरह से लॉकडाउन नहीं होगा.मनीष सिसोदिया ने कहा कि जब आईसीयू 90% भर गए थे, इस पर हमें चिंता हुई थी, हमने केंद्र सरकार से बात की और केंद्र सरकार ने हमें 750 बेड देने की बात कही. जैसे ही ये आईसीयू बेड आ जाएंगे फिर हमें आईसीयू की भी चिंता करने की जरूरत नहीं है. कोरोना को रोकने के सारे इंतजाम दिल्ली सरकार अच्छे से कर रही है.

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