जिन्ना पीएम होते तो भारत-पाक एक होते – लामा

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भारत के बंटवारे को लेकर अक्सर बातें होती रहती हैं। यदि बंटवारा नहीं होता तो भारत-पाकिस्तान एक होता। एक बार फिर इस मुद्दे को हवा दे दी गई है। इस बार इस मुद्दे को उठाया है तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने। भारत-पाकिस्तान को लेकर दलाई लामा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि मोहम्मद अली जिन्ना भारत के प्रधानमंत्री बनते तो देश का बंटवारा नहीं होता।

नहीं होता विभाजन

आध्यात्मिक गुरु गोवा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के छात्रों को संबोधित कर रहे थे। धर्मगुरु दलाई लामा ने कहा कि महात्मा गांधी मोहम्मद अली जिन्ना को भारत का पीएम बनाना चाहते थे, लेकिन जवाहरलाल नेहरू नहीं माने। यदि नेहरू इनकार नहीं करते तो भारत का विभाजन नहीं होता। भारत-पाकिस्तान एक देश होता।

नेहरू अनुभवी व्यक्ति थे

उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि नेहरू खुद को प्रधानमंत्री बनता देखना चाहते थे। यदि उन्होंने गांधी की बात मान ली होती तो इतिहास और कुछ होता। धर्मगुरु दलाई लामा ने कहा, पंडित नेहरू अनुभवी और बुद्धिमान व्यक्ति थे, लेकिन कभी-कभी गलतियां हो जाती हैं।

तिब्बत-चीन समस्या पर जोर

लामा ने बताया कि कैसे तिब्बत और चीन के बीच समस्या बढ़ती जा रही थी। चीन का रवैया आक्रामक होता जा रहा था। लामा ने कहा कि काफी प्रयास के बावजूद 17 मार्च 1959 को उन्होंने निर्णय लिया कि यहां नहीं रहेंगे और वे निकल आए।

धर्मगुरु दलाई लामा के खास विचार

– हमारे जीवन का उद्देश्य प्रसन्न रहना है।

– खुशहाली बनी बनाई नहीं मिलती, उसके लिए तुम्हें कदम बढ़ाना पढ़ेगा।

– अपनी क्षमताओं को जानकर और उन पर यकीन करके ही हम एक बेहतर विश्व का निर्माण कर सकते हैं।

– कभी-कभी लोग कुछ कहकर अपनी एक प्रभावशाली छाप बना देते हैं और कभी-कभी लोग चुप रहकर अपनी एक प्रभावशाली छाप बना देते हैं।

– यदि आप दूसरों को प्रसन्न देखना चाहते हैं तो करुणा का भाव रखें| यदि आप स्वयं प्रसन्न रहना चाहते हैं तो भी करुणा का भाव रखें।

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