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10 साल की लड़की ने 17 लोगों को बचाया आग से

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विपरीत परिस्थितयों में जहां अच्छे-अच्छे लोगों की सोचने समझने की क्षमता बंद हो जाती है, वहीं महज 10 साल की एक बच्ची ने अपनी सूझ-बूझ दिखाते हुए ना केवल अपनी बल्कि 17 लोगों की जान बचाई। मुंबई के परेल इलाके में हुई आगजनी की घटना में 4 लोगों की मौत हो गई।  उसे हादसे में 10 वर्ष की जेन सदावर्ते ने तत्परता और सूझबूझ से अपनी और अपने पड़ोसियों की जान बचाई। मुंबई के परेल इलाके के क्रिस्टल टॉवर में बुधवार को आग लग गई थी। 17 मंजिला इस इमारत में 12वीं मंजिल पर आग लगी थी। हादसे की खबर मिलते ही फायर ब्रिगेड की 20 गाड़ियां मौके पर पहुंच गई। लगभग 25 व्यक्तियों दमकलकर्मियों द्वारा सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन  4 लोगों की मौत हो गई।

इस बिल्डिंग में 10 साल की जेन सदावर्ते भी अपने परिवार के साथ रहती हैं। परेल में हिंदमाता सिनेमा के पास क्रिस्टल टॉवर में बुधवार सुबह 8 बजे आग लग गई थी। आग बिल्डिंग की 12वीं मंजिल पर लगी थी जिसमें 10 साल की जेन सदावर्ते भी अपने परिवार के साथ फंस गई थीं। खबरों के अनुसार जैसे ही 12वीं मंजिल पर आग लगने से धुआं बढ़ना शुरू हुआ, जेन ने घर से कुछ कपड़े लिए और उन्हें पानी से गीला कर लिया। इसके बाद जेन ने वो सभी कपड़े अपने परिवार और पड़ोसियों में बांट दिए।

जेन ने सभी से कहा कि इन कपड़ों को अपनी नाक पर अच्छे से बांध लें और सांस लेने की कोशिश करें। साथ ही  परिवार और पड़ोसियों से ऐसा करने का कहा। जेन ने ऐसा करने के लिए इसलिए कहा क्योंकि धुएं में कार्बन का मात्रा काफी ज्यादा होती है। गीला कपड़ा हवा से कार्बन को सोख लेता है और इसके माध्यम से ऑक्सीजन को सांस लेने में आपके लिए आसान हो पाता है। मुख्यतः आग लगने पर ये रेस्क्यू के लिए किया जाता है ताकि लोगों की दम घुटने से मौत न हो जाए।

गौरतलब है जेन की तत्परता और सूझबूझ से 17 लोगों की जान बचाई जा सकी। आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा  रहा है।

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