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इस मुद्दे पर हो रही मुख्यमंत्री की आलोचना..

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मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद कमलनाथ अपने एक बयान को लेकर सभी दूर आलोचना का शिकार हो रहे हैं। कमलनाथ ने शपथ लेने के बाद जो बयान दिया है, उसका आम नागरिक और सियासी विशेषज्ञ विरोध कर रहे हैं।

कमलनाथ ने शपथ ग्रहण के बाद मीडिया से कहा था कि सरकार की ओर से केवल उन्हीं उद्योगों को अनुदान दिया जाएगा, जिनसे मध्यप्रदेश के स्थानीय लोगों को रोजगार मिले। उन्होंने कहा कि बिहार और उत्तरप्रदेश के लोग रोजगार के लिए यहां आते हैं, जिस वजह स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं मिलता।

यूपी- बिहार के प्रवासियों पर दिए अपने बयान के बाद अब मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री भाजपा के निशाने पर आ गए हैं। इस मुद्दे पर बिहार भाजपा के अध्यक्ष नित्यानंद राय ने ट्वीट करके निशाना साधा। उन्होंने इस बयान की निंदा करते हुए कांग्रेस पर सत्ता में आते ही नफ़रत फैलाने का आरोप लगाया।

बिहार में भाजपा का सहयोगी जनता दल (यू) भी इस पर मुखर हो गया है। पार्टी ने कहा कि बिहार और यूपी में कांग्रेस का खस्ताहाल है| यही वजह है कि कांग्रेस यहां के लोगों से दुश्मनी निकाल रही है। यह सब राहुल गांधी के निशाने पर हो रहा है। इससे पहले भी गुजरात में कांग्रेस के विधायक जिग्नेश मेवाणी पर बिहार-यूपी के लोगों को जबरन वापस भेजने के आरोप लग चुके हैं।

इसके अलावा उत्तरप्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि उत्तरप्रदेश के लोगों को किसी के आगे हाथ फैलाने की ज़रूरत नहीं है। वहीं केंद्रीय मंत्री गिरिराजसिंह ने कमलनाथ के बयान पर कहा है कि राहुल गांधी बिहार और यूपी के लोगों से माफी मांगें, वरना उन्हें लोग जवाब देंगे|

इसके अलावा कई संगठन भी कमलनाथ के इस बयान के बाद अब विरोध की तैयारी में हैं। वहीं वरिष्ठ विशेषज्ञों के मुताबिक, संवैधानिक पद पर रहते हुए कमलनाथ को इस तरह के बयानों से बचना चाहिए। देश में कोई भी व्यक्ति कहीं भी जाकर बस सकता है और कार्य कर सकता है। ऐसे में एक मुख्यमंत्री को इस तरह के बयान नहीं देने चाहिए।

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