जीत के बाद भारत के लिए ये बोले इमरान खान

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पाकिस्तान के आम चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी पीटीआई के नेता इमरान खान ने जीत के बाद राष्ट्र को संबोधित किया| अपने भाषण के दौरान इमरान खान ने पाकिस्तान की जनता को अपनी प्राथमिकताओं से अवगत करवाया| इमरान खान ने कई मुद्दों पर अपने मुल्क की जनता को आश्वस्त किया| पाकिस्तान के वजीर-ए- आजम बनने जा रहे इमरान खान ने चुनाव में धांधली की बात को नकारते हुए अवाम के लिए कार्य करने की बात कही|

उन्होंने कहा कि मैं पाकिस्तान को अमन के रास्ते पर ले जाने की कोशिश करूंगा|इमरान खान ने अपने भाषण में भ्रष्टाचार पर जमकर हमला बोला| उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के सभी विभागों में जमकर भ्रष्टाचार व्याप्त है और इसे हटाने के लिए हमारी पार्टी कार्य करेगी|

शर्म आएगी प्रधानमंत्री कार्यालय में रहने पर

उन्होंने कहा कि आज पाकिस्तान को अमन की ज़रूरत है और मैं इसके लिए कार्य करने आया हूं| उन्होंने कहा कि मैं सरकारी पैसे का उपयोग नहीं करूंगा| इमरान ने कहा कि यदि इतने गरीब लोगों के रहते हुए मैं जनता के टैक्स के पैसे का दुरूपयोग करूं, प्रधानमंत्री आवास में रहूं तो इससे बड़ी शर्म की कोई बात नहीं हो सकती| उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय को किसी सरकारी संस्थान के लिए उपयोग किया जाएगा|

दूसरे देशों से ऐसे हो संबंध

  • चीन से बहुत कुछ सीखने की ज़रूरत| नीचे के तबके को ऊपर उठाने के लिए सीखने की ज़रूरत| देश में निवेश कैसे लाया जा सकता है| भ्रष्टाचार दूर करने में चीन ने मिसाल कायम की|
  • अफगानिस्तान के लोगों ने दुनिया में सबसे ज्यादा तकलीफ उठाई| पाकिस्तान अफगानिस्तान में अमन चाहता है| हमारी सरकार हरसंभव मदद करेगी| हम चाहते हैं कि हमारी सीमाएं खुली हो|
  • अमरीका के साथ भी हमारे संबंध ऐसे हो, जो दोनों देशों के लिए फायदेमंद हो| दोनों देशों के बीच संतुलित संबंध हो|
  • ईरान से भी ताल्लुक बेहतर करेंगे|
  • सऊदी अरब से आपसी समन्वय बनाकर काम करेंगे|

भारत को लेकर बोले

हिन्दुस्तानी मीडिया ने मुझे विलेन की तरह दिखाया| उन्होंने लिखा कि मेरे पीएम बनने से हिंदुस्तान को तकलीफ होगी| यदि हमारे संबंध अच्छे होंगे तो विश्व के लिए अच्छा है| हम एक-दूसरे से व्यापारिक संबंध मजबूत रखेंगे| हमारे मुद्दों में सबसे प्रमुख मुद्दा कश्मीर है| कश्मीर के लोगों ने बीते 30 सालों से परेशानी झेली है| पाकिस्तान और हिंदुस्तान के नेता टेबल पर बैठकर इसके लिए कोशिश करें| एक-दूसरे पर आरोप लगाने से कुछ नहीं होगा| यदि भारत सरकार तैयार हैं तो हम कोशिश करेंगे| आप हमारी ओर एक कदम बढ़ाएंगे तो हम दो कदम बढ़ाएंगे| हम चाहते हैं कि संवाद से दोनों देशों के मुद्दों को हल किया जाए|

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