कोरोना वैक्सीन कब, कहां, कैसे और कितने में मिलेगी, हर सवाल का जवाब

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दुनिया इस समय कोरोना वेक्सिन का इंतजार कर रही है और ऐसा लगता है साल 2021 के शुरुआती दिनों में यह इंतजार खत्म हो सकता है.ब्रिटेन में ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन को मंजूरी मिल जाने के बाद भारत ने भी अब उम्मीद है और बढ़ गई है. ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन को भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया बना रहा है और इसका नाम रखा गया है कोविशील्ड . सीरम इंस्टीट्यूट के प्रमुख अदार पूनावाला ने कोविशील्ड वैक्सीन को लेकर आम से लेकर हर खास इंसान के दिल में उठने वाले कई सवालों के बड़ी बेबाकी से जवाब दिए हैं.

कोविशील्ड वैक्सीन को लेकर आपके सवालों के जवाब पढ़ें नीचे.

वैक्सीन कब तक लांच होगी?

8-9 महीने से चल रहा काम अंतिम चरण में है.

कितनी मात्रा बनाई जाएगी?

इतना स्टॉक है कि पूरे देश मैं हर इंसान को वैक्सीन मिल सके.

वैक्सीन बनाने में इतना समय क्यों लग रहा है ?
जितना स्टॉक तैयार किया जा रहा है वह लगभग 4 साल में होता लेकिन इस काम को 6 महीने में ही अंजाम दिया गया.

वैक्सीन को अंतिम रूप कैसे दिया जाता है?
जब वैक्सीन बन जाती है, तो उसे एक छोटी बोतल में फिल किया जाता है. जिसके बाद पैकेजिंग होती है, अंत में चेक किया जाता है कि बोतल में वैक्सीन के अलावा कुछ और ना जाए.

मिक्स इन लोगों तक कैसे पहुंचेगी?
वैक्सीन के डोज को अंतिम रूप देने के बाद बॉक्स में बंद करके ड्राइ आइस फ्रिजर वाले ट्रक से इन्हें देश के राज्य में पहुंचाया जाएगा.

राज्यों में वैक्सीन की देखरेख कैसे होगी?

वैक्सीन को सरकारी कोल्ड स्टोरेज में रखा जाएगा.

वैक्सीन की एक बोतल से कितने लोगों को वैक्सीन डोज दिया जा सकेगा?
सीरम इंस्टीट्यूट में जो वैक्सीन की बोतल बन रही है, उसमें 10 डोज दी जा सकती हैं. जिसे एक बार खोलने के बाद 4-5 घंटे के भीतर इस्तेमाल की जा सकती है.डोज 5 लोगों के लिए पर्याप्त है.

कितना सेफ है सीरम की वैक्सीन?
वैक्सीन बनाने में 9 महीने का वक्त गया है, सेफ्टी की सभी शर्तों को पूरा किया जा रहा है. हर वैक्सीन में कुछ ना कुछ साइड इफेक्ट होते हैं, लेकिन कोरोना की वैक्सीन में अभी तक जान का खतरा कोई सामने नहीं आया है

अभी वैक्सीन की कितनी डोज तैयार हैं?
सीरम इंस्टीट्यूट के पास 50 मिलियन डोज तैयार हैं. जो कि कुल 25 मिलियन लोगों के लिए पर्याप्त होगी.

वैक्सीन की पहली और दूसरी डोज के बीच कितने समय की दूरी रखी जाएगी?
सभी देशवासियों से यह अपील है कि दो महीने के बाद दूसरी डोज ले.

एक ही डोज लगवाई तो क्या होगा?
सिर्फ एक डोज से वैसी प्रोटेक्शन नहीं मिलेगी, जैसा पूरा डोज मिलने से मिलेगी.

कोरोना के नए स्ट्रेन पर वैक्सीन काम करेगी?
ऐसा कोई कारण नहीं है जिसके चलते वैक्सीन नए स्ट्रेन पर काम नहीं करेगी. अगले कुछ दिनों में ये साफ हो जाएगा कि वैक्सीन नए स्ट्रेन पर कितना असरदार वार कर सकती है.

वैक्सीन की कितनी कीमत होगी?
इंस्टीट्यूट भारत सरकार को एक डोज 200 रुपये में देगी यानी दो डोज की वैक्सीन 400 रुपये में . सिर्फ सरकार के लिए है. प्राइवेट कंपनी वैक्सीन को 1 हजार रुपये में एक डोज मिलेगी. वैक्सीन लेने का खर्च 2 हजार रुपये होगा.

मेडिकल स्टोर से मिल जाएगी कोरोना वैक्सीन?
मार्च या अप्रैल तक प्राइवेट रूप से वैक्सीन मिलना शुरू हो जाएगी. लेकिन ये वैक्सीन आपको किसी डॉक्टर के पास ही मिलेगी.

भारत सरकार ने अबतक कितने डोज खरीदे?
सरकार ने जुलाई 2021 तक 20 से 30 करोड़ डोज लेने का मसौदा तैयार किया है, लेकिन लिखित कॉन्ट्रैक्ट नहीं हुआ है.

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