कोरोना काल में कहा खो गए यह नेता      

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देश इस समय कोरोना काल से निपटने में लगा है. जनता के साथ-साथ पुलिस स्वास्थ्यकर्मी, सामाजिक संस्थाएं और भी कई लोग इस संकट की घड़ी में यथासंभव मदद करने में लगे है. लेकिन हर समय नेतागिरी में मशगुल रहने वाले वे सांसद और विधायक ज्यादा सक्रीय नजर नही आ रहे है जो कभी चुनाव के समय जनता के मसीहा होने का दावा किया करते थे. खुद को एकांतवास देने की जिम्मेदारी वे इतनी शिद्दत से निभा रहे है कि उन्हें जनता के दर्द का भान ही नही रहा. कईयों को तो अपने विधानसभा और संसदीय क्षेत्र में जाये हुए महीनो बीत गए है. जो कभी जनता के सुख-दुःख के साथी होने का दावा करते थे, आज जनता उनकी गुमशुदगी के पोस्टर छाप उन्हें खोज रही है और कोस भी रही है. ऐसे ही कुछ नेताओं से रूबरू होते है इस खास रिपोर्ट में –

हेमा मालिनी – ड्रीम गर्ल हेमामालिनी फ़िल्मी परदे से राजनीती में पहुंची और कामयाब भी हुई. फिलहाल मथुरा से बीजेपी की सांसद हेमा कहा है कोई नही जानता . यह वही हेमा है जो चुनाव प्रचार के दौरान खुद को मथुरावासी साबित करने के लिए मुंबई की चमक-धमक छोड़ मथुरा में किराये का मकान लेकर बस गई थी और एक-एक वोट के लिए किसान के खेत में अपनी सुनाहरी साड़ी में गेहू की बाली काटने का अभिनय भी करने ने नही रुकी थी. फोटो वायरल हुए थे जो आपको भी याद ही होगा.

स्मृति ईरानी –छोटे परदे की आदर्श बहु ने जब से सियासत ज्वाइन की तब से आज तक वे पार्टी आलाकमान की चहेती रही है. ओजस्वि भाषण देने में माहिर और विपक्ष के खिलाफ बोलने में दक्ष स्मृति ईरानी हारने के बाद भी सदा मंत्री रही. पिछले कार्यकाल में भी कई विभाग बदले , सही काम काज न कर पाने के आरोपों के बाद भी उन्हें कोई कुर्सी से दूर नही कर पाया. फिलहाल अमेठी स सांसद स्मृति को जनता गुमशुदा के पोस्टर लगा कर ढूंड रही है .

किरण खैर – सिने जगत का एक और बड़ा नाम और राजनेता किरण खैर भी इन दिनों गायब है . बडबोले पन के लिए मशहूर किरण और उनके अभिनेता पति अनुपम खैर सरकार की तारीफों के पुल बाँधने का काम बखूबी करते आये है. लेकिन कोरोना काल में दोनों पता नहीं कहा है, शायद राहुल गाँधी की अगले बयान का इन्तजार कर रहे है जिस पर उनकी खिचाई कर सके .

इस लिस्ट में वे सभी सांसद और विधायक भी शामिल है जो हिंदुत्व के मुद्दे पर तो कभी कश्मीर के मुद्दे पर समाचार चैनल पर आ जाने पर दुसरे को बोलने का मौका नही देता या संसद सत्र में अपनी बात रखते समय मेज कूटने में सारी शक्ति लगा देते है . संबित पात्रा , साक्षी महाराज, गिरिराज सिंह, परेश रावल जेसे कई लोग है जो इस समय कहा है किसी को नही पता. सिर्फ यदा कदा जनता की फिर्क करते हुए एकाध इंटरव्यू दे देते है जिसमे भी आधे से ज्यादा समय पीएम मोदी और सरकार का गुणगान किया जाता है.

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