शीतकालीन सत्र में कांग्रेस का राफेल आलाप

0

पांच राज्यों में हुए चुनाव के बाद मतगणना के दिन ही संसद में शीतकालीन सत्र की शुरुआत हुई।  जैसे-जैसे नतीजे साफ़ होते जा रहे थे, वैसे-वैसे संसद में विपक्ष का आक्रमण बढ़ता जा रहा था। विपक्ष सरकार को घेरने का कोई भी मौका नहीं छोड़ रहा था। चुनावों के नतीजों में जैसे-जैसे कांग्रेस का सीटों पर कब्ज़ा बढ़ता जा रहा था, वैसे-वैसे ही संसद में विपक्ष एक के बाद एक नोटिस जारी करता जा रहा था।

टीएमसी की तरफ से राज्यसभा में नियम 267 का हवाला देते हुए एक नोटिस दिया गया है। टीएमसी ने अपने नोटिस में रिजर्व बैंक का हवाला देते हुए कहा कि देश की अहम राष्ट्रीय संस्थाओं पर खतरा मंडरा रहा है इसलिए इस मामले पर तत्काल बहस शुरू करनी चाहिए। रिजर्व बैंक को अपना हथियार बनाते हुए टीएमसी ने कहा कि इस विषय पर तत्काल चर्चा शुरू कर देनी चाहिए।

टीएमसी के साथ ही तीन राज्यों में सत्ता की बागडोर अपने हाथों में थामने वाली कांग्रेस ने भी मौजूदा मोदी सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं रखी। अपने हर मुद्दे को राफेल से जोड़ने वाली कांग्रेस, राज्यसभा में भी इस मुद्दे से दूर नहीं रह सकी और राफेल पर बहस शुरू करने का नोटिस दे दिया। कांग्रेस सांसद सुनील कुमार जाखड़ ने संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन राज्यसभा में राफेल डील पर चर्चा शुरू करने के लिए नोटिस दे दिया है।

गौरतलब है कि मौजूदा मोदी सरकार का यह अंतिम पूर्णकालिक सत्र  है। मोदी सरकार के आखिरी पूर्णकालिक सत्र में विपक्ष कोई भी मौका नहीं छोड़ना चाहती, ऐसे में इस सत्र के काफी हंगामेदार रहने की उम्मीद है।

शीतकालीन सत्र में इन मुद्दों पर होगी चर्चा

शीतकालीन सत्र में सरकार पास करवाएगी प्रस्ताव

नए सत्र से पहले क्यों बुलाई सर्वदलीय बैठक?

Share.