कांग्रेस ने मांगा 5 साल का हिसाब

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मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार का अंतिम विधानसभा सत्र शुरू हो गया है। मानसून सत्र की हंगामेदार शुरुआत हुई। कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए विधानसभा में घुसे। कांग्रेस ने भाजपा सरकार से पांच साल का हिसाब मांगा। हंगामे के बीच विधानसभा में कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। विधानसभा स्पीकर डॉ.सीतासरन शर्मा ने कहा कि विपक्ष की सूचना पर प्रस्ताव को चर्चा में लेने पर विचार किया जाएगा। 

इससे पहले नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में मानसून अवधि बढ़ाए जाने की मांग की। विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव में सरकार के खिलाफ तीन दर्जन आरोप के बिंदु शामिल किए गए। इसमें सरकारी विभागों में गोलमाल, भ्रष्टाचार, कुपोषण, कानून व्यवस्था सहित कई विषय शामिल है। सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद कांग्रेस सदस्यों ने मंदसौर गोलीकांड को लेकर पोस्टर लहराए। पोस्टर पर मंदसौर गोलीकांड में न्याय की जांच की मांग लिखा हुआ था। कांग्रेस कार्यकर्ता 15 मिनट से भी ज्यादा समय तक खड़े रहे। हालांकि इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

सत्र में किसने क्या कहा :

-संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जिस पार्टी के नेता प्रतिपक्ष पर उनके ही विधायकों को भरोसा नहीं है, वे विधानसभा में सत्ता पक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला रहे हैं। इस प्रस्ताव पर कांग्रेस विधायकों के हस्ताक्षर नहीं है।

– राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि जिसके घर में विश्वास नहीं, वे विधानसभा में अविश्वास की बात कर रहे हैं। प्रदेश की जनता का शिवराज सरकार पर विश्वास है।

– वहीं कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने कहा कि 4 महीने की सरकार बची है। करोड़ों का घोटाला किया है, घोटालों का जवाब नहीं दे सकते तो परिवार पर तंज कस रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष विधानसभा में घोटालों के तथ्य पेश करेगी| सरकार से इसका जवाब मांगा जाएगा।

– राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि पहले कांग्रेस परिवार का विश्वास जीते, तब लाए अविश्वास प्रस्ताव।

पांच दिन चलेगा सत्र

मध्यप्रदेश चुनाव से पहले का यह सत्र पांच दिन 25 से 29 जून तक चलेगा। पांच दिवसीय सत्र में पांच बैठकें होंगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विधानसभा सचिवालय के कर्मचारियों की सेवा आयु बढ़ाने के लिए मप्र विधानसभा सेवायुक्त विधेयक लाया जा रहा है। वहीं धर्मशाला विधि विवि विधेयक, लोकतंत्र सेनानी सम्मान, विधेयक सहित भू राजस्व संहिता, मप्र वृत्तिकर, नगर पालिका मनोरंजन, नगर पालिका मुद्रांक शुल्क प्रभार, निजी विवि स्थापना व संशोधन विधेयक भी सरकार इस सत्र में ला सकती है।

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