कंपनी ने शिवराज से मांगे रुपए

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एक तरफ जहां शिवराज सरकार प्रदेश के किसानों के कर्ज माफ़ कर रही है, वहीं दूसरी ओर खुद कर्ज में डूबती जा रही है| हाल ही में एक खबर आई, जिसमें नीदरलैंड की कंपनी हॉककोनिंग डीएचवी ने भोपाल में एक प्रोजेक्ट पूरा किया, लेकिन इसका पेमेंट अब तक शिवराज सरकार ने कंपनी को नहीं किया| नीदरलैंड की कंपनी ने चार वर्ष पहले राजधानी के टीटी नगर क्षेत्र में रीडेंसिफिकेशन प्रोजेक्ट की प्लानिंग और सुपरविज़न का काम किया था|

कंपनी ने इसके लिए भोपाल विकास प्राधिकरण (बीडीए) से 7.31 करोड़ रुपए मांगे, लेकिन प्रदेश सरकार ने अभी तक कंपनी को रुपए नहीं चुकाए| इसको लेकर नीदरलैंड के भारत में राजदूत अल्फोंसस स्टोलिंगा ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को पत्र लिखकर पैसा देने के लिए कहा है|

कंपनी ने कई बार बीडीए से पैसे मांगे, लेकिन कंपनी से कह दिया कि सरकार ने ही प्रोजेक्ट दिया था तो सरकार ही भुगतान करेगी| इसके बाद सीएम सचिवालय एवं नगरीय प्रशासन विभाग के अफसर नीदरलैंड की कंपनी को पिछले दो साल से चक्कर लगवा रहे हैं| जब 24 मई को नीदरलैंड के प्रधानमंत्री मार्क रूट प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के लिए भारत आए, तब उन्होंने इस मामले का ज़िक्र किया| तब जाकर मध्यप्रदेश सरकार में हड़कंप मचा|

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