कलेक्टर ने बच्चों के साथ साझा किए अनुभव

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शासकीय स्कूलों के बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए मध्यप्रदेश शासन द्वारा चलाए जा रहे ‘मिल बांचे अभियान’ के तीसरे वर्ष का आयोजन इस शुक्रवार को किया गया। इस अभियान के तहत जिले के अधिकारी सरकारी स्कूलों में बच्चों के बीच पहुंचे और उन्हें पाठ पढ़ाया। बच्चों के बीच पहुंचे अधिकारियों में से किसी ने उन्हें पौराणिक दृष्टांत सुनाए तो किसी ने आगे बढ़ने की सीख दी। अपने बीच बड़े अधिकारियों को पाकर बच्चे भी उत्साहित नज़र आए।

लक्ष्य तय करने से ही मिलेगी सफलता- कमिश्नर सिंह

इंदौर संभाग के आयुक्त राघवेंद्र कुमार सिंह ने अभियान के तहत शहर के गांधीनगर कन्या विद्यालय पहुंचकर कार्यक्रम में भाग लिया। संभागायुक्त  ने इस दौरान पौराणिक प्रसंगों पर बातचीत करते हुए बालिकाओं को महाभारत के कुछ दृष्टांत सुनाए। उन्होंने लक्ष्य को साधने और सफलता हासिल करने की बात कही। वहीं संस्कृत के श्लोक ‘विद्या ददाति विनयम’ का अर्थ समझाते हुए उन्होंने बालिकाओं को विनय का पाठ पढ़ाया।

साहसी बनें आज की बालिकाएं- एडीजी शर्मा

एडीजी इंदौर रेंज अजय शर्मा ने बालिकाओं को हिम्मती और साहसी बनने की सीख दी। उन्होंने बच्चियों से उनकी रुचि के बारे में  पूछा।  उन्होंने कहा कि पढ़ना है तो खूब आनंद के साथ पढ़ें। विद्या अध्ययन के दौरान न केवल पढ़ना वरन् सीखना भी ज़रूरी होता है। उन्होंने कहा कि बालिकाएं अपनी मां और शिक्षिकाओं से निरंतर संवाद रखें और हर बात उनसे ज़रूर साझा करें। एडीजी शर्मा ने कहा कि मैं और संभागायुक्त सहित सभी प्रमुख अधिकारी आपके इसी विद्यालय जैसे सरकारी स्कूल में पढ़े हैं। आप भी पढ़-लिखकर जीवन में उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।

मां को मानें पहला गुरु- उपायुक्त शिवाले

इंदौर संभागीय उपायुक्त राजस्व सपना शिवाले ने इसी परिसर में संचालित प्राथमिक विद्यालय में पहुंचकर बालिकाओं को पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि जीवन में विनम्रता का बहुत महत्व होता है। हमें कोशिश करनी चाहिए कि हम विनम्रता का गुण अवश्य सीखें। उन्होंने मां को प्रथम गुरु बताते हुए यह भी कहा कि मां का सदैव सम्मान और ध्यान रखना चाहिए।

मेहनत है आगे बढ़ने और सफलता का मूलमंत्र-कलेक्टर निशांत वरवड़े

कलेक्टर निशांत वरवड़े ‘मिल बांचे अभियान’ के तहत सुदामा नगर स्थित शासकीय अत्रीदेवी जैन प्राथमिक स्कूल में बच्चों से संवाद किया। वे सीधे स्कूल की पांचवीं कक्षा में पहुंचे और बच्चों को अपना परिचय दिया। उन्होंने बच्चों से आज उनके स्कूल में आने का कारण पूछा, बच्चों ने सही जवाब दिया। कलेक्टर वरवड़े ने अपने जीवन से जुड़े दो किस्से बच्चों को सुनाए।  कलेक्टर ने बच्चों से कहा कि वे रोज जल्दी सोएं, जल्दी सुबह उठें, व्यक्तिगत स्वच्छता पर ध्यान दें, स्कूल समय पर पहुंचे और नियमित पढ़ाई करें। जीवन में पढ़ाई के साथ खेलों का महत्व भी समझें। अंग्रेजी सीखें, अंग्रेजी से डरे नहीं। लगातार मेहनत करते रहें। संघर्ष एवं लगातार प्रयास से ही सफलता मिलती है। किसी कारणवश सफलता नहीं भी मिले तो उससे हताश होने की अपेक्षा सबक लेकर और अच्छी मेहनत करें। जीवन में समय का पालन करना और अनुशासन सीखें। जीवन में हर किसी से कोई न कोई सीख ज़रूर मिलती है। बड़ों को भी जीवन के निर्णयों में ज़रूर शामिल करना चाहिए।

पढ़ाई के साथ-साथ अन्य गतिविधियां भी करें विद्यार्थी-भगवती पंडित

राज्य आदर्श शिक्षक मंच (रस्म) के संयोजक भगवती पण्डित ने भी शासकीय प्राथमिक विद्यालय क्रमांक 112 में  ‘मिल बांचे’ कार्यक्रम में स्वयंसेवक रूप में बच्चों के सामने अपने अनुभव साझा किए। पंडित ने एक रोचक कथा के माध्यम से बच्चों को अच्छे कार्य करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि बच्चों को अध्ययन के साथ ही खेल, व्यायाम, योग, साहित्य, सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेना चाहिए ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके । बच्चों को रोचक और शिक्षाप्रद कथाओं के माध्यम से नैतिक शिक्षा दी जा सकती है । व्यावहारिक रूप से शिक्षक कहानी, कथा और प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से विषय ज्ञान भी दे सकते हैं ।

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