शिकायत करने पर जेल, पढ़ें पूरी खबर

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मध्यप्रदेश में शिवराज सरकार द्वारा यूं तो किसानों के हक़ में कार्य करने का दावा किया जाता है, लेकिन प्रदेश के कुछ जिलों में तस्वीर इसके उलट ही है। किसानों के लिए सरकार हितैषी होने की बात कहती है, लेकिन प्रशासन के आगे किसान बेबस ही है।ताजा मामला नरसिंहपुर ज़िले का है, जहां खराब सड़क की शिकायत करना एक बुजुर्ग को भारी पड़ गया। जब किसान ने अपने क्षेत्र में ख़राब सड़कों की शिकायत की तो इस आरोप में उसे जेल भेज दिया।

जेल से बाहर निकलकर जब किसान ने घटना की जानकारी दी तो मामले का खुलासा हुआ। 21 अगस्त को जनसुनवाई में पहुंचे 61 साल के बुजुर्ग को नरसिंहपुर कलेक्टर अभय वर्मा ने ऊंची आवाज में बात करने और खराब सड़क की शिकायत के आरोप में जेल भेज दिया था।

पीड़ित बुजुर्ग किसान  पीके पुरोहित नरसिंहपुर जिले के ही खुरपा गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि उनके इलाके की सड़क बहुत खराब थी। पुरोहित ने कलेक्टर अभय वर्मा पर गंभीर आरोप लगाते हुए एसपी से कलेक्टर के खिलाफ शिकायत भी की है। किसान को जेल भेजे जाने के बाद एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें  किसान ने आपबीती बताई। किसान ने कहा कि बीते मंगलवार कलेक्टर को जनसुनवाई में उन्होंने अपने गांव खुरपा से चीलाचौन गांव की कच्ची सड़क बनाने की शिकायत कलेक्टर से की थी। इसके बाद कलेक्टर ने नाराज़ होते हुए उसे पुलिस कोतवाली के जरिये जेल भेज दिया।

किसान ने  सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत की थी, जिसका निराकरण नहीं होने के बाद वह कलेक्टर के पास पहुंचा था। इस मामले में कांग्रेस ने शिवराज सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि  प्रदेश में अघोषित आपातकाल है। यहां  विरोध करने वाले को जेल में भेज दिया जाता है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा “प्रदेश में अघोषित आपातकाल का नजारा है। नरसिंहपुर में खस्ताहाल सड़क को अमरीका जैसी बनाने की मांग को लेकर एक बुजुर्ग व्यक्ति द्वारा जनसुनवाई में की गई मांग पर बदले में उन्हें जेल मिली। किसान, गरीब, युवा बेरोज़गार हो या आम आदमी शिवराज सरकार में अपनी आवाज उठाने का हक़ किसी को नहीं है।”

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