मिशन चंद्रयान-2 : अब भारत इस देश से मांगेगा मदद

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भारत महत्वाकांक्षी ‘मिशन चंद्रयान-2’ (Chandrayaan-2) को लेकर अभी भी उम्मीद बची हुई है| इसरो लगातार लैंडर विक्रम (Vikram) से संपर्क बनाने की कोशिश कर रहा है| हाल ही में इसरो (ISRO) ने यह जानकारी दी थी कि लैंडर विक्रम पूरी तरह से सुरक्षित है, उसमें किसी भी तरह की टूट-फूट नहीं हुई है| विक्रम तय सीमा से 500 मीटर दूर जाकर गिरा, झीस वजह से इसका संपर्क टूटा| वहीं अब खबर है कि, विक्रम को दोबार खड़ा करने के लिए भारत अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा (NASA) की मदद ले सकता है| इस पर अभी विचार किया जा रहा है|

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नासा का एक मिशन ‘लूनर रीकॉनिसेंस ऑर्बिटर (Lunar Reconnaissance Orbiter) यानी LRO चंद्रयान-2 के मुकाबले चांद के ज्यादा करीब चक्कर लगा रहा है| इससे बेहतर डेटा मिल सकता है| नासा के लूनर रीकॉनिसेंस ऑर्बिटर से चांद की 3डी तस्वीरें ली गई हैं|

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इन तस्वीरों में चंद्रमा में हुए बदलावों को साफ तौर पर देखा जा सकता है| यदि इसरो नासा के इस ऑर्बिटर के डाटा का इस्तेमाल करती है, तो विक्रम की ताजा पोजिशन पता चल सकती है| वैसे इसरो इसके पहले भी LRO के डेटा का आंशिक रूप से इस्तेमाल लैंडिंग स्पॉट पर कर चुकी है| इसरो फिलहाल ऑर्बिटर से बेहतर डेटा मिलने का इंतजार कर रही है, इसके बाद ही कोई फैसला लिया जा सकता है|

विक्रम से जल्दी करना होगा संपर्क

इस समय चांद पर लूनर डे चल रहा है| यह पृथ्वी के 14 दिन के बराबर होता है| इन 14 दिनों में से 3 दिन खत्म हो चुके हैं| लूनर दे ख़त्म होने के बाद चांद पर रात हो जाएगी| ऐसा होने पर इसरो को किसी भी ऑपरेशन में दिक्कत आ सकती है| इस लिए इसरो को  विक्रम से जल्द से जल्द संपर्क बनाना होगा| ऐसे नहीं हुआ तो ‘मिशन चंद्रयान’ पूरा नहीं हो पाएगा|

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-ह्रदय कुमार

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