स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बताया सबसे पहले किसे मिलेगी कोरोना वैक्सीन

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एक लंबे अंतराल के बाद फिर से कोरोनावायरस पर हाहाकार मची हुई है.ऐसा नहीं है कि देश को कोरोना से निजात मिल गई थी लेकिन कुछ समय के लिए मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था .लेकिन अब एक बार फिर करोना का जिन्न की भांति चिराग से बाहर आया है . पिछले 1 सप्ताह से भी कम दिन में देश में फिर कोरोनावायरस को लेकर चर्चा है और खबरें तेज हो गई हैं.

इसी बीच कोरोना वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल की बातें भी आ रही है. देश में कोरोना के मामले में दिल्ली सबसे बुरे हालात से गुजर रही है. राष्ट्रीय राजधानी में पिछले 6 दिन के अंदर 628 लोगों ने अपनी जान गंवा दी. केंद्र और राज्य सरकारों ने कोरोना को रोकने नाकाफी के इंतजाम किए हैं. अब इस पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा कि कोरोना के खिलाफ जंग का यह 11वां महीना चल रहा है.केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा कि पूरी दुनिया में 250 कोरोना वैक्सीन कंपनी हैं. इनमें से 30 की नजर भारत पर है. देश में पांच वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है. 2021 के पहले तीन महीने में हमें वैक्सीन मिलेगी. सितंबर तक 25 से 30 करोड़ भारतीयों को वैक्सीन दी जाएगी.


स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा कि सबसे पहले हेल्थ वर्कर को कोरोना वैक्सीन दी जाएगी. इसके बाद फ्रंट लाइन वर्कर, पुलिस और पैलामिलिट्री फोर्स को वैक्सीन लगाई जाएगी. इसके बाद 65 साल से ऊपर के उम्र के लोगों को कोरोना वैक्सीन लगेगी. फिर 50 साल से अधिक के ग्रुप को और फिर कोमर्बिडिटी के मरीजों को.केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा कि कोरोना से लड़ने के लिए सरकारों और लोगों को जागरुक किया गया है. कोरोना के प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जा रहा है. स्थिति भयंकर से भयंकर होने के बाद भी कंट्रोल में है. देश में 90 लाख कंफर्म केस में करीब 85 लाख मरीज ठीक हो चुके हैं. सबसे ज्यादा रिकवरी रेट भारत का है.केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा कि कुछ शहरों में कोरोना के हालात चिंताजनक हैं. पिछले समय में कोरोना के केस बढ़े हैं. हमने लोगों को आगाह किया था. बेसिक प्रोटोकॉल को फॉलो करने का निर्देश दिया गया है. पहला केस 30 जनवरी को आया था. इसके बाद हमने कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की. हमारी टीम हर जगह जा रही है

दिल्ली में बढ़ रहे कोरोना के खतरे पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा कि यहां की हालत को कंट्रोल में लाने के लिए केंद्र ने दो बार दखल दिया था. राज्य सरकार को बकायदा सभी तरह की जानकारी दी गई. इसका नतीजा रहा है कि कोरोना का खतरा कम हुआ.

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