इस्तेमाल के बाद लॉक हो जाएगी नई सीरिंज

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मरीजों को इंजेक्शन लगाने में इस्तेमाल होने वाली डिस्पोजेबल सीरिंज को अब केंद्र सरकार बंद करने जा रही है| सरकार का कहना है कि डिस्पोजेबल सीरिंज का कई लोगों द्वारा गलत इस्तेमाल किया जा रहा है| अब डिस्पोजेबल सीरिंज की जगह नई सीरिंज का इस्तेमाल किया जाएगा| यह नई सीरिंज ऑटो डिसेबल होगी, जिसके एक बार इस्तेमाल करने के बाद वह लॉक हो जाएगी|

नई सीरिंज में दोबारा दवाई नहीं डाली जा सकती है इसलिए इसका इस्तेमाल सुरक्षित होगा| इसे सिर्फ डॉक्टर की पर्ची दिखाकर ही खरीदा जा सकता है| स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय अगले हफ्ते राज्यों को इस मामले में चिट्‌ठी लिखेगा| शुरुआती दौर में यह सिर्फ सरकारी अस्पतालों में अनिवार्य की जाएगी|

इसीलिए हुई बंद डिस्पोजेबल सीरिंज 

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ऑटो डिसेबल सीरिंज की कीमत डिस्पोजेबल सीरिंज से 35-50 पैसे ज्यादा होगी| सरकार द्वारा कई बार मना करने पर और नुकसान बताने के बावजूद अभी भी कई क्षेत्रों में सीरिंज दोबारा इस्तेमाल होती रहती है| इससे हैपेटाइटिस बी, सी और एचआईवी संक्रमण का खतरा रहता है| इसी समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने यह फैसला लिया है| गौरतलब है कि डिस्पोजेबल सीरिंज को बंद करने के संबंध में 2017 में स्वास्थ्य महानिदेशक की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने सिफारिश की थी|

सीरिंज का कारोबार

देश में 80-85% डिस्पोजेबल सीरिंज ही इस्तेमाल होती है| हिंदुस्तान सीरिंज और मेडिकल डिवाइसेज के ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव नाथ ने बताया कि भारत में सीरिंज का सालाना 2000 करोड़ रुपए का कारोबार है| भारत में बिकने वाली 80% ऑटो डिसेबल सीरिंज आयात की जाती है| भारतीय सीरिंज निर्माता कंपनियों के अनुसार, देश में हर साल 500 करोड़ सीरिंज इस्तेमाल होती हैं|

गौरतलब है कि पंजाब सरकार ने 6 जुलाई को बिना डॉक्‍टर की पर्ची के सीरिंज की बिक्री पर रोक लगा दी गई थी, लेकिन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदरसिंह ने चारों ओर हो रही आलोचनाओं के कारण इस बैन को 9 जुलाई को हटा दिया था|

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