मंत्री और अधिकारी के घर सीबीआई की छापामारी

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सीबीआई ने तमिलनाडु राज्य के स्वास्थ्य मंत्री और डीजीपी के घर पर तलाशी अभियान चलाया है। 2006 में राज्य में हुए गुटखा घोटाले में कई बड़े अधिकारियों और मंत्रियों के नाम सामने आए थे। चर्चित गुटखा स्कैम में बुधवार को सीबीआई ने बड़े पैमाने पर छापेमारी की है और चेन्नई के 40 ठिकानों पर छापा मारा है। इन 40 ठिकानों में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सी.विजय भास्कर और डीजीपी टीके राजेंद्रन के आवास भी शामिल हैं। इसके अलावा पूर्व डीजीपी एस जॉर्ज और अन्य पुलिस अधिकारियों के ठिकानों की भी सीबीआई की टीम ने जांच की है।

वर्ष 2013 में तमिलनाडु सरकार ने राज्य में गुटखा बिक्री पर पाबंदी लगा दी थी। उसके बाद तमिलनाडु के ही गुटखा ब्रांड ‘एमएसएम’ ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री और कई बड़े पुलिस अधिकारियों को करोड़ों रुपए की रिश्वत दी थी। यह रिश्वत गुटखा पाबन्दी लागू करने की समयसीमा 2013 से बढ़ाकर 2014-2016 तक करने के लिए दी गई थी। एमएसएम अपना सारा बना हुआ गुटखा बाज़ार में बेचकर नुकसान से बचना चाहती थी। यह मामला तब सामने आया था, जब 8 जुलाई 2017 को आयकर विभाग ने लगभग 250 करोड़ की टैक्स चोरी के शक में एक गुटखा निर्माता कंपनी के गोदाम, दफ्तर और घरों में छापा मारा था।

छापेमारी में विभाग को एक डायरी मिली थी, जिसमें उन लोगों के नाम थे, जिन्हें रिश्वत के करोड़ों रुपए दिए गए थे। इनमें से एक नाम राज्य के स्वास्थ्य मंत्री का भी था। इनको दो सालों में लगभग 40 करोड़ रूपए रिश्वत देने की जानकारी सामने आई थी, लेकिन राज्य सरकार द्वारा कोई ठोस करवाई नहीं की गई थी। इसके कारण विपक्षी पार्टी और मानवाधिकार आयोग ने मद्रास हाईकोर्ट से मामला सीबीआई को सौंपने की अर्जी दी थी, जिसे स्वीकार करते हुए अप्रैल 2018 में मद्रास हाईकोर्ट द्वारा गुटखा घोटाले की सीबीआई जांच का आदेश दिया था।

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