टैक्सी में लगवाना होगा पैनिक बटन, अप्रैल 2019 तक का समय

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देश की राजधानी दिल्ली में लगातार अपराध बढ़ते जा रहे हैं। अपराध रोकने के लिए दिल्ली पुलिस और प्रशासन दोनों मुस्तैदी से नियम कानून बना रहे हैं। इसी दिशा में दिल्ली परिवहन विभाग ने यात्रियों खासतौर से महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर एक फैसला लिया है। इस फैसले के अंतर्गत अप्रैल 2019 तक हर टैक्सी मालिक को अपनी टैक्सी में पैनिक बटन लगवाना अनिवार्य है। इसमें मोबाइल एप आधारित चलने वाली टैक्सी उबर, ओला भी शामिल है।

प्रशासन इस फैसले को पूर्व में भी लागू करना चाहता था, लेकिन किसी वजह से यह निर्णय थोड़ा आगे बढ़ गया, लेकिन अब अप्रैल 2019 से जीपीएस लिंक पैनिक बटन के बगैर टैक्सी नहीं चल सकेंगी।

कैसे काम करता है पैनिक बटन ?

सभी पैनिक बटन जीपीएस से जुड़े हुए रहेंगे। आवश्यकता पड़ने पर यदि कोई यात्री इस बटन को दबाता है तो उसी समय पुलिस कंट्रोल रूम में लगे जीपीएस की ट्रैकिंग स्क्रीन पर ‘एसओएस’ आइकन फ्लैश करेगा। उक्त वाहन की पूरी जानकारी कंट्रोल रूम की स्क्रीन पर होगी। कंट्रोल रूम से उस वाहन की लाइव ट्रैकिंग की जा सकेगी, जिससे उसे आसानी से पकड़ा जा सकेगा।

इस मुहिम को आधार देने के लिए दिल्ली परिवहन विभाग ने दिल्ली की सिविल लाइन एरिया में ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर खोला था, लेकिन वे कुछ टैक्सियों के अलावा एप्लीकेशन बेस्ड टैक्सियों को ट्रैक नहीं कर पाए थे। सुरक्षा के लिहाज से उठाया गया यह कदम महिलाओं की सुरक्षा के लिए कारगर साबित होगा।

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