विधानसभा के बाद बनाया लोकसभा का एक्शन प्लान

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प्रदेश में अभी तक विधानसभा चुनावों के परिणाम भी नहीं आए हैं, लेकिन भाजपा ने आगामी लोकसभा चुनावों की तैयारी भी शुरू कर दी है। भाजपा ने इस लोकसभा चुनाव में मध्यप्रदेश की सभी 29 सीटों पर जीत का लक्ष्य रखा है और इसी टारगेट 29 के साथ भाजपा ने चुनाव की रणभेरी फूंक दी है।

भारतीय जनता पार्टी जल्द ही लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारियोंके संबंध में बैठकें शुरु करेगी। मिशन 2019 के तहत प्रदेश की सभी 29 सीट जीतने का टारगेट भाजपा ने तय किया है। पार्टी नेताओं के मुताबिक 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव के परिणाम और सरकार बनने की प्रक्रिया में दिसंबर का महीना निकल जाएगा। इसके बाद पार्टी के पास चुनावी तैयारियों के लिए मात्र दो महीने का समय बचेगा।मार्च में आचार संहिता लगने की संभावना है। इसे देखते हुए भाजपा की कोशिश है कि चुनाव प्रबंधन से जुड़ी तैयारियां जल्द शुरू कर मार्च से पहले पूरी कर ली जाएं। इसके अलावा पार्टी लोकसभा चुनाव से पहले चलाए जाने वाले अभियान भी इसी महीने शुरू कर सकती है। हर लोकसभा सीट पर संगठन की ओर से एक नेता और सरकार बनने पर एक मंत्री को चुनाव प्रभारी बनाया जाएगा।

सांसद और अन्य प्रतिनिधि करेंगे संवाद

भाजपा ने लोकसभा चुनाव की तैयारी के हिसाब से केंद्र की योजनाओं के हितग्राहियों की लिस्ट बनाने का काम शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, मुद्रा योजना सहित अन्य योजनाओं की लोकसभावार सूची तैयार होने पर क्षेत्र के सांसद-विधायक और जनपद व जिला पंचायत के सदस्य सहित सभी जनप्रतिनिधि इनके हितग्राहियों से प्रत्यक्ष संपर्क साधेंगे। पार्टी की तैयारी ये भी है कि इन हितग्राहियों को ही बूथ स्तर पर तैनात करें। हितग्राहियों की सूची बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नमो एप के जरिए इन हितग्राहियों से बात करेंगे।

गुना-छिंदवाड़ा और झाबुआ पर फोकस

भाजपा ने अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए सभी 29 सीटें जीतने का लक्ष्य तय किया है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया की गुना-शिवपुरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ की छिंदवाड़ा और आदिवासी नेता कांतिलाल भूरिया की रतलाम-झाबुआ सीट पर जीत हासिल करने के लिए पार्टी ने पहले से ही उत्तरप्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्रदेवसिंह को प्रभारी नियुक्त किया है। वे पहले भी तीनों क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं। अब इन तीन सीटों के लिए पार्टी की रणनीति ये है कि किसी भी छोटे कार्यकर्ता को इन नेताओं के खिलाफ खड़ा किया जाएगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की टीम इन क्षेत्रों पर लगातार नजर रखे हुए हैं। टीम कई बार तीनों क्षेत्रों का दौरा भी कर चुकी है। माना जा रहा है कि इन सीटों पर कांग्रेस की घेराबंदी कर पार्टी सारे दिग्गज नेताओं को अपनी सीट तक बांध देगी।

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