अब राष्ट्रपिता के नाम पर होगा मेगा इवेंट

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मध्यप्रदेश में सरकार की यह नीति रही है कि यहां महापुरुषों की जयंती और बड़ी तिथियों को उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इसके तहत सरकार कई बड़े आयोजन करती है। महापुरुषों की जन्मतिथि और पुण्यतिथि के क्रम में अब मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती को मेगा इवेंट के रूप में मनाने की तैयारी में है। 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के मौके पर पूरे प्रदेश में बड़े आयोजन की तैयारी है। यूं भी कहा जा सकता है कि चुनावी साल में भाजपा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम भी भुनाने की तैयारी में है।

चुनाव से पहले शिवराज सरकार द्वारा गांधी जयंती को ऐतिहासिक बनाना कहीं न कहीं सियासी भी लगता है। इसे लेकर स्कूल-कॉलेज से लेकर सरकारी स्तर पर बड़े आयोजन होंगे। साथ ही 26 जनवरी को दिल्ली में होने वाली परेड में भी मध्यप्रदेश सरकार ‘गांधी थीम’ पर झांकी निकालेगी।

महात्मा गांधी की 150वीं जन्म शताब्दी के कारण केंद्र ने सभी राज्यों को प्रस्ताव भेजा था, जिस पर प्रदेश की शिवराज सरकार ने विचार किया है। सरकार ने महात्मा गांधी की जयंती पर कार्यक्रम करने का ऐलान किया है।

इस बार गणतंत्र दिवस पर सरकार परेड के लिए जनजाति संग्रहालय, नर्मदा क्षिप्रा लिंक परियोजना जैसे विषयों पर झांकी बनाने वाली थी, लेकिन अब यह प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया है। मध्यप्रदेश की झांकी में भी अब गांधी दर्शन शामिल होगा।

वहीं चुनाव से पहले महात्मा गांधी के नाम पर हो रहे बड़े आयोजन पर कांग्रेस ने भाजपा पर तंज कसा है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता जेपी धनोपिया ने कहा है कि भाजपा के पास गांधीजी के कद का कोई महापुरुष नहीं है इसलिए अब भाजपा गांधीजी की शरण में है।

हाल ही में शिवराज सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ.शंकरदयाल शर्मा और राजमाता विजयाराजे सिंधिया के जन्मशताब्दी वर्ष को प्रेरणा पर्व के तौर पर मनाने का फैसला किया है।  इसके बाद अब शिवराज महात्मा गांधी के नाम पर आयोजन तो कर रही है, लेकिन इसे सियासी कार्यक्रम के तौर पर ही देखा जा रहा है।

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