आसरा शेल्टर होम : काश समय रहते मिल जाता इलाज

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देश में कई शेल्टर होम की लापरवाहियों के बारे में खुलासा हुआ है| बच्चियों और महिलाओं के आशियाने के लिए बनाए गए शेल्टर होम ही उनके लिए सुरक्षित नहीं बचे हैं| बिहार की राजधानी पटना के ‘आसरा शेल्टर होम’ में दो लड़कियों की मौत के बारे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है| शुरुआती जांच में सामने आया है कि यदि समय रहते उनका इलाज कर दिया जाता तो उनकी मौत नहीं होती|

दरअसल, लड़कियों की मौत के बाद दर्ज की गई एफआईआर में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं| उसके अनुसार लड़कियों ने आसरा शेल्टर होम में ही तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया था| उनका नाम बबली और पूनम था| उन्हें मृत अवस्था में ही अस्पताल पहुंचाया गया था| शेल्टर होम में मेडिकल के लिए डॉक्टर की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं थी| एक लड़की को मामूली बुखार था तथा दूसरी को लगातार लूज़ मोशन हो रहे थे, लेकिन दोनों को समय पर इलाज नहीं मिला और उनकी मौत हो गई|

इसके बाद 10 अगस्त को जब 4 लड़कियों ने शेल्टर होम से भागने की कोशिश की तो  शेल्टर होम की तरफ से पड़ोसी पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया था| उसी दिन सीडब्ल्यूसी की टीम शेल्टर होम में जांच के लिए गई थी| तब भी मनीषा दयाल और चिरंतन ने दोनों लड़कियों की चिंताजनक हालत के बारे में सीडब्ल्यूसी की टीम को नहीं बताया| फिलहाल इस मामले की जांच की जा रही है|

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