264 करोड रुपए का पुल 1 महीने भी नहीं चला

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बिहार के गोपालगंज जिले का बैकुंठपुर के फैजुल्लाहपुर में छपरा- सत्तरघाट को जोड़ने वाला पुल अपने उद्घाटन के बाद एक महीना भी नहीं टिक सका. 264 करोड़ के पुल इस तरह बर्बाद हो जाने के बाद सीनाजोरी करते हुए नेता इस पर उल्लू बयान बाजी कर रहे हैं. हादसे पर प्रदेश के पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव ने गैर जिम्मेदाराना अंदाज में कहा कि यह प्राकृतिक आपदा है, इसमें तो सड़कें बह जाती है, पुल टूट जाते हैं.

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बिहार के पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव ने कहा कि सत्तर घाट का पुल बिल्कुल सुरक्षित है. बांध के अंदर एक पुल है, जिसका सिर्फ अप्रोच रोड बह गया है. यह प्राकृतिक आपदा है. इसमें तो सड़कें बह जाती है, पुल टूट जाते हैं. तेजस्वी यादव के आरोपों पर नंद किशोर यादव ने कहा कि मैं कभी साइकिल पर नहीं चला. स्कूटर से चलता था.

मंत्री नंद किशोर यादव ने कहा कि सत्तरघाट पुल में 3 छोटे ब्रिज हैं. सत्तरघाट ब्रिज से 2 किलोमीटर दूर छोटे ब्रिज का अप्रोच केवल पानी के तेज बहाव से कटा है. पूरे सत्तरघाट पुल को कोई नुकसान नहीं हुआ. पानी जब बढ़ता है तो ऐसी स्थितियां पैदा होती हैं जैसे ही पानी का बहाव कम होगा, उसे ठीक किया जाएगा.

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दरअसल, गंडक नदी में आई बाढ़ से गोपालगंज जिले में बैकुंठपुर के फैजुल्लाहपुर में छपरा- सत्तरघाट मुख्य पथ को जोड़ने वाले पुल का एक हिस्सा जमिनदोज हो गया. 2012 में इस पुल का निर्माण शुरू हुआ था. 264 करोड़ की लागत से बना है. 16 जून को सीएम नीतीश कुमार ने वर्चुअल तकनीक से इस महासेतु का उद्घाटन किया. उद्घाटन के 29 दिन बाद ही पुल के साथ सरकार के खजाने के 264 करोड़ रुपए इस पानी में बह गए.

पुल को लेकर आरजेडी के तेजस्वी ने कहा,नीतीश भ्रष्टाचार के भीष्म पितामह, अफसरों से वसूले जाएं पैसे. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि 263 करोड़ से 8 साल में बना लेकिन मात्र 29 दिन में ढह गया पुल. संगठित भ्रष्टाचार के भीष्म पितामह नीतीश जी इस पर एक शब्द भी नहीं बोलेंगे और ना ही साइकिल से रेंज रोवर की सवारी कराने वाले भ्रष्टाचारी सहपाठी पथ निर्माण मंत्री को बर्खास्त करेंगे. बिहार में चारों तरफ लूट ही लूट मची है.

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