Best Tourism Place In Indore : सुकून का जरिया हेरिटेज ट्रेन

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सुकून, जिसकी चाहत सभी को है| इंसान जब भी सुकून पाना चाहता  है तो उसे प्रकृति की गोद याद आती है| पहाड़, झरने, नदियां , पेड़, हरियाली और वादियां सदा से इंसान के दिलोदिमाग में भागदौड़ भरी ज़िंदगी से आराम पाने का पहला जरिया रही हैं| शायद, इसी सच्चाई से वाकिफ पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के डीआरएम आरएन सुनकर और उनकी टीम ने अथक प्रयासों के बाद मध्यप्रदेश को पहली हेरिटेज ट्रेन ( Patalpani Kalakund Heritage Train ) की सौगात दी है|

मध्यप्रदेश की औद्योगिक राजधानी इंदौर से महज 20 किलोमीटर दूर महू रेलवे स्टेशन से शुरू हुई हेरिटेज ट्रेन  ( Patalpani Kalakund Heritage Train ) महू से पातालपानी और कालाकुंड (Best Tourism Place In Indore) तक का 15 किलोमीटर का सफ़र ब्रिटिश शासनकाल में बने 140 साल पुराने ट्रैक पर तय करती है| इसी कारण इसे हेरिटेज ट्रैक  नाम दिया गया है|

महू से 11:05 बजे अंतिम सीटी के साथ शुरू होने वाला यह बेहद रमणीक सफ़र असल में शुरू होता है अपने पहले पड़ाव पातालपानी से | यहां ट्रेन ( Patalpani Kalakund Heritage Train ) विंध्याचल की पहाड़ियों के बीच टेढ़े-मेढ़े हेरिटेज ट्रैक पर छुक-छुक की आवाज़ के साथ आगे बढ़ती है | पर्यटन के शौकीन लोगों के लिए कल-कल बहती नदी, पहाड़ की चोटी से गिरता झरना,  ऊंचे-ऊंचे विशाल देवदार, सागवान और शीशम के वृक्ष के साथ आसमान से बातें करती विंध्याचल की पर्वत मालाओं के नज़ारे  मंत्रमुग्ध कर देते हैं|

चलती ट्रेन  ( Patalpani Kalakund Heritage Train ) से कहीं-कहीं बनी ग्रामीणों की झोपड़ियां, खेलते बच्चे, छोटे-छोटे खेतों में लहराती फसल के  नज़ारों के बेहद सुखद अनुभव के साथ चोरल नदी पर बने रेलवे ब्रिज पर धड़धड़ाती ट्रेन  ( Heritage train ) के गुज़रने का अनुभव आपको रोमांच के चरम पर ले जाता है|

आप इस रोमांच को बयान करने के लिए शब्द ही ढूंढ रहे होते हैं कि विंध्य की पहाड़ियों  में बनी गुफा में ट्रेन  ( Heritage train ) का प्रवेश होता है | राजपूताना मालवा रेलवे के जमाने यानी 1874 से 1878 के बीच बने इस ट्रैक पर एक के बाद एक चार टनल से यह ट्रेन  ( Heritage train ) अपना सफ़र आगे की ओर तय करती है|

घोड़े की नाल के आकार की गुफाएं बेहद संकरी, अंधेरी और ठंडी हैं | मुहाने पर चमकती रोशनी का नज़ारा बयान करना असंभव सा प्रतीत होता है|  सबसे बड़ी गुफा 4 किलोमीटर लंबी है और सफ़र के आखिरी में आती है| इस यादगार सफ़र में ट्रेन  ( Patalpani Kalakund Heritage Train ) की राह में 24 ऐसे मोड़ भी आते हैं, जो लगभग 110 डिग्री तक मुड़े  हैं |

2008 में मंजूरी पा चुके पश्चिम रेलवे के इस सपने को साकार होने में दिसंबर 2018 तक का समय तो लगा, पर इस बीच रेलवे ने इस सुहाने सफ़र में एडवेंचर फ्लेवर को भी शामिल कर लिया, तभी तो सफ़र में बीच-बीच में जगह-जगह पर सेल्फी प्वाइंट, विश्रामगृह, भोजन और नाश्ते की व्यवस्था, बच्चों के झूले और प्लेग्राउंड के अलावा रेलवे का एक संग्रहालय भी मुख्य आकर्षणों में सम्मिलित है|

म्यूज़ियम में आप रेलवे द्वारा उपयोग किए जाने वाले पुराने उपकरणों का नज़ारा ले सकते हैं | कालाकुंड (Patalpani Kalakund Heritage Train ) पहुंचने के बाद आप रेलवे के एसी लग्ज़री रूम में अपनी थकान भी मिटा सकते हैं| ये कमरे रेलवे की बोगी में डेवलप किए गए हैं, पर अंदर का नज़ारा किसी 5 स्टार होटल के कमरे से कम नहीं है|

शानदार डबल बेड, एसी, टीवी, हाईटेक टॉयलेट एंड बाथरूम और विलासिता के तमाम चीजों से लैस ये कमरे आपको प्रकृति की गोद में भी लग्ज़री का आनंद देते हैं| इसके अलावा रेलवे यहां बोट क्लब, 150 फीट ऊंची कालाकुंड की पहाड़ियों पर माउंटेन ट्रैकिंग, रॉक क्लाइम्बिंग और कैम्पेनिंग को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहा है |

कुदरत की गोद में 15 किलोमीटर का रोमांचक और यादगार सफ़र हर मौसम और हर उम्र के व्यक्तियों के लिए खास है|  खासकर इसकी खूबसूरती बारिश में और निखरना लाज़िमी है| यह ट्रेन ( Heritage train ) 11:05 बजे महू से पातालपानी के लिए निकलती है, 11:15 बजे पातालपानी में रूकती है और यहां 20 मिनट रुकने के बाद 11:35 बजे आगे की ओर चलती है|

1:30 बजे ट्रेन  ( Patalpani Kalakund Heritage Train ) कालाकुंड पहुंच जाती है, जहां यह लगभग 2 घंटे रूकती है और 3:30 बजे कालाकुंड से वापस महू की ओर निकलती है, जो 6:00 बजे आपको महू पहुंचाती है |

इसके स्पेशल कोच में पहली 12 सीटों के लिए 240 रुपए का किराया लगता है, जो आने और जाने दोनों के लिए है | इसके पीछे की अन्य सीटों के लिए किराया 210 रुपए है। जनरल कोच का किराया आने जाने के लिए 20  रुपए  है तो अब एडवेंचर, सुकून और शांति की तलाश में आपको कहीं और दूर नहीं जाना है न ही बहुत सारे पैसे खर्च करने हैं | जब भी दिल चाहे ,चले आइए|

तो यात्रीगण कृपया ध्यान दें| महू से होकर पातालपानी के रास्ते कालाकुंड जाने वाली हेरिटेज ट्रेन ( Patalpani Kalakund Heritage Train ) पर्यटकों और एडवेंचर लवर्स को लेकर अपने निर्धारित समय से एक बेहद रोमांचक और खूबसूरत सफ़र पर निकल रही है|

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