बलूचिस्तानियों ने किया था चाइनीज काउंसलेट पर हमला

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बलूच लिबरेशन आर्मी ने कराची में चाइनीज काउंसलेट पर हमले की जिम्मेदारी ली है। बलूच आर्मी के कमांडर ने कहा कि पाकिस्तान और चीन के विरोध में आगे भी ऐसे हमले होते रहेंगे। बलूच आर्मी के कमांडर असलम बलूच ने कहा कि बलूचिस्तान इलाके में चीन के दखल देने से उन्हें काफी नुकसान हुआ है।

असलम ने कहा कि पिछले 15-20 वर्ष से पाकिस्तान और चीन मिलकर बलूचिस्तान में अत्याचार फैला रहे हैं। चीन खुद को पाकिस्तान का शुभ चिंतक बताता है, परंतु पिछले दो दशकों में दोनों ने मिलकर बलूचिस्तान के संसाधनों को खूब लूटा है। बलूचिस्तान के संसाधनों का एक बड़ा हिस्सा चीन हथिया रहा है, जिसमें पाकिस्तान का भी कमीशन है। दोनों मिलकर बलूचिस्तानियों को मार रहे और गांवों को नष्ट कर रहे हैं। बलूच समुदाय का जीवनयापन मुश्किल हो गया है।

चीन अपने बड़े प्रोजेक्ट ‘सीपेक’ के नाम पर बलूचिस्तान के संसाधनों का दुरुपयोग कर रहा है। इसके लिए चीन और पाकिस्तान दोनों ही सेना का भी सहयोग ले रहे हैं। सीपेक के नाम पर दोनों अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मूर्ख बना रहे हैं। इससे पहले भी बीएलए चीन के उन कर्मचारियों पर हमले कर चुका है, जो सीपेक के लिए कार्य कर रहे हैं।

असलम ने कहा कि चीन और पकिस्तान दोनों ही मजबूत देश हैं और उन्हें रोकने में बलूचिस्तान सफल नहीं हो सकता। हम उन प्रोजेक्ट को रोकने चाहते हैं, जिन्हें विकास के नाम पर क्रूरतापूर्वक बलूचिस्तान में चलाया जा रहा है।

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