एटीएस ने किया खुलासा, सनातन संस्था ने बनाई थी योजना

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दक्षिणपंथी संगठन सनातन संस्था द्वारा सनबर्न फेस्टिवल में विस्फोट की साजिश रची जा रही थी। यह संस्था साल 2017 दिसंबर में हुए सनबर्न फेस्टिवल में विस्फोट करना चाहते थे।  यह फेस्टिवल अब पुणे में होता है और दुनिया के बड़े संगीत आयोजनों में से एक है। पुलिस के आतंकवाद-निरोधी दस्ते एटीएस ने इस महीने हथियार और गोलाबारूद की बरामदगी के सिलसिले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। उनमें से चार को पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद सत्र न्यायाधीश समीर अदकर के समक्ष पेश किया गया। पांचवां आरोपी 31 अगस्त तक पुलिस हिरासत में रहेगा। इन 5 लोगों की गिरफ्तारी पुणे के नालासोपारा और जालना से हुई है।

ये लोग इस समय एटीएस की रिमांड में हैं।  एटीएस ने कहा कि संस्था के सदस्यों को लगता था कि सनबर्न फेस्टिवल हिन्दू संस्कृति के खिलाफ है। 2015 तक यह फेस्टिवल गोवा में होता था। 2016 से यह पुणे में होने लगा। आतंकवाद निरोधक एजेंसी ने आरोपियों के रूप में वैभव राउत और सुधानवा गोंधलेकर की पहचान की है। एटीएस का कहना है कि दक्षिणपंथी संगठन सनातन संस्था के सदस्य राज्य में त्योहारों से पहले कई जगह विस्फोट की साजिश रच रहे थे।

ठाणे जिले के कल्याण में एक थियेटर के बाहर बम लगाने की घटना में भी ये संलिप्त थे। उस थियेटर में इस साल जनवरी में विवादित फिल्म ‘पद्मावत’ का प्रदर्शन किया जा रहा था। अविनाश पवार नाम के शख्स को पकड़ा गया है। इसी के साथ यह पांचवीं गिरफ्तारी की गई है। गौरतलब है कि 30 वर्षीय अविनाश शिव प्रतिष्ठान हिंदुस्तान से जुड़ा हुआ है। इससे पहले वैभव राउत, सुधानव गोंधालेकर, शरद कालास्कर और पूर्व शिवसेना कॉरपोरेटर श्रीकांत पंगारकर को गिरफ्तार किया गया था। सभी लोगों का एक ही संस्था से जुड़ा होना शक की अहम् वजह बना हुआ है।

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