अटल टनल शिलान्यास से सोनिया का नाम हटाने का मामला तूल पकड़ गया

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पीएम मोदी ने हाल ही में अटल टनल का उद्घाटन किया.जिसका शिलान्यास कभी कांग्रेस सरकार के राज में किया गया था .अब इसे लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है.हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने अटल सुरंग से कथित तौर पर सोनिया गांधी के नाम का शिलान्यास पत्थर हटाने की ओछी हरकत बीजेपी सरकार ने की जिससे कांग्रेसी गुस्से में है.अब इसके खिलाफ राज्य भर में विरोध प्रदर्शन की धमकी दी जा रही है. साथी कांग्रेसी से लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाने तक का कदम उठाने को तैयार है.

मनाली को लाहौल स्पीति से जोड़ती करीब 9 किलोमीटर लंबी इस सुरंग का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 अक्टूबर को किया. स्टेलेंट का शिलान्यास अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 28 जून, 2010 को धुंडी में रोहतांग टनल प्रोजेक्ट के साउथ पोर्टल पर किया था. देश में कई जगह इससे पहले बीजेपी कांग्रेस नेताओं के शिलान्यास वाले पत्थर हटा चुकी है और इसी का दौहराव इस बार अटल टनल से सोनिया गांधी के नाम का शिलान्यास पत्थर हटा कर किया गया है.मध्यप्रदेश के इंदौर में एक ब्रिज के उद्घाटन के दौरान भी इसी तरह कुछ कांग्रेसी नेताओं के नाम शिला पत्थर से हटाने का मामला सामने आया था.

लाहौल और स्पीति कांग्रेस अध्यक्ष ग्यालचन ठाकुर ने कीलोन्ग पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है. ठाकुर के मुताबिक शिलान्यास पत्थर को हटाना अलोकतांत्रिक है और ये बीजेपी नेताओं की शरारत है. लाहौल और स्पीति महिला कांग्रेस अध्यक्ष शशि किरण ने भी इस घटना की निंदा की है. मनाली ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हरिचंद शर्मा ने कहा कि अटल सुरंग का उद्घाटन भाजपा के लोगों तक सीमित रखा गया था.हिमाचल कांग्रेस के प्रमुख कुलदीप राठौर ने इस संबंध में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को पत्र लिख कहा है कि शिलान्यास पत्थर को हटाना अवैध है.साथ ही उन्होंने ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

 

हिमाचल प्रदेश के रोहतांग दर्रे में सुरंग बनाने का फैसला 3 जून 2000 को देश के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अगुवाई में लिया गया था. उनके सम्मान में इसे अटल टनल का नाम दिया गया

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