असम: फर्जी एनकाउंटर में मेजर सहित 7 सैन्यकर्मियों को उम्रकैद

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असम के डांगरी में एक फेक एनकाउंटर केस में आर्मी कोर्ट ने मेजर सहित 7 सैन्यकर्मियों को दोषी करार दिया गया है। आरोपियों को उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई है। सज़ा पाने वालों में मेजर के अलावा दो कर्नल और चार सैनिक शामिल हैं। बता दें कि 1994 में असम में सैन्यकर्मियों ने पांच लोगों को एनकाउंटर में मार दिया था।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दोषियो में मेजर जनरल एके लाल, कर्नल थॉमस मैथ्यू, कर्नल आरएस सिबिरेन, कैप्टन दिलीपसिंह, कैप्टन जगदेवसिंह, नाइक अल्बिंदर सिंह और नाइक शिवेंद्रसिंह को फ़र्जी मुठभेड़ (फेक एनकाउंटर) में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है।

बता दें कि सेना ने 18 फरवरी 1994 को चाय बागान के प्रबंधक की हत्या के मामले में 9 लोगों को हिरासत में लिया था। इसमें पांच युवकों को उल्फा आतंकी संगठन का सदस्य बताते हुए सात सैन्यकर्मियों ने डांगरी फेक एनकाउंटर में मार गिराया था।

इस मामले को भाजपा नेता जगदीश भुयन ने उठाया था। भुयन ने गुवाहाटी हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर युवाओं के ठिकाने की जानकारी मांगी थी। हाईकोर्ट ने भारतीय सेना से ऑल असम छात्रसंघ के 9 नेताओं को पुलिस थाने में बुलाया था। सेना ने पुलिस थाने में पांच शव प्रस्तुत किए थे। भुयन ने उसी साल 22 फरवरी को गुवाहाटी हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर इन युवाओं के ठिकाने की जानकारी मांगी थी। जिसके बाद मामले की सीबीआई जांच शुरू हुई थी।

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