फेसबुक-बीजेपी : राहुल,ओवैसी,शशि थरूर जैसे नेताओं की प्रतिक्रिया

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वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट को आधार बना कर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने फेसबुक पर सवाल उठा कर नए विवाद को जन्म दे दिया है. उन्होंने ट्वीट किया था कि , ‘मार्क जकरबर्ग कृपया इस पर बात करें. प्रधानमंत्री मोदी की समर्थक अंखी दास को फेसबुक में नियुक्त किया गया जो खुशी-खुशी मुस्लिम विरोधी पोस्ट को सोशल मीडिया पर अप्रूव करती हैं. आपने साबित कर दिया कि आप जो उपदेश देते हैं उसका पालन नहीं करते.’

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इस बात को लेकर मुद्दा गरम हो गया है और मामला तुल पकड़ गया है.

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सूचना प्रौद्योगिकी (IT) मामलों की संसदीय स्थायी समिति की अध्यक्षता करने वाले कांग्रेस नेता शशि थरूर ने इस मामले को लेकर फेसबुक से जवाब मांग लिया था. कांग्रेस नेता शशि थरूर ने ट्वीट किया, ‘सूचना प्रौद्योगिकी पर संसदीय स्थायी समिति निश्चित रूप से इन रिपोर्टों के बारे में फेसबुक का जवाब जानना चाहती है. समिति यह जानना चाहती है कि भारत में हेट स्पीच को लेकर उनका क्या प्रस्ताव है.’ शशि थरूर ने आगे कहा, ‘हमारी संसदीय समिति सामान्य मामलों में “नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा और सामाजिक/ऑनलाइन न्यूज मीडिया प्लेटफार्मों के दुरुपयोग को रोकने” के तहत बयान पर विचार करेगी. यह विषय संसदीय स्थायी समिति के अधिकार क्षेत्र में है और पिछले दिनों फेसबुक को तलब भी किया गया था.’

राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा, “भारत में फेसबुक और वॉट्सऐप पर बीजेपी और आरएसएस का कब्जा है. इसके जरिये ये फेक न्यूज और नफरत फैलाते हैं और चुनाव को प्रभावित करने में भी इस्तेमाल करते हैं. आखिरकार अमेरिकी मीडिया फेसबुक का सच बाहर ले ही आई.”

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘हारे हुए लोग जो अपनी ही पार्टी के लोगों को प्रभावित नहीं कर सके वो कह रहे हैं कि पूरी दुनिया बीजेपी और आरएसएस द्वारा नियंत्रित है. आपको चुनाव से पहले डेटा को हथियार बनाने के लिए कैंब्रिज एनालिटिका और फेसबुक के साथ गठजोड़ करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था और वो आज हमसे ही सवाल कर रहे हैं?”

थरूर के ट्वीट पर बीजेपी नेता निशिकांत दुबे ने आरोप लगाते हुए कहा कि स्थायी समिति के चेयरमैन के पास अपने सदस्य के साथ एजेंडा की चर्चा के बिना कुछ भी करने का अधिकार नहीं है. ये मुद्दे संसदीय समिति के नियमों के मुताबिक उठाए जा सकते हैं. इसलिए थरूर, राहुल गांधी का एजेंडा फैलाना बंद करें.

तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक लेटर शेयर करते हुए लिखा, ‘ मैं आईटी कमेटी की सदस्य हूं. इस साल के शुरुआत में ही एजेंडा आइटम को लेकर सहमति बन गई थी और स्पीकर की सहमति से विज्ञप्ति भी तैयार था. कब कौन से आइटम पर चर्चा होगी और किसे बुलाया जाएगा, वो चेयरमेन का विशेषाधिकार है. आश्चर्य है कि बीजेपी कैसे फेसबुक के इंटरेस्ट के लिए उछल-कूद कर रही है.’

प्रियंका गांधी ने रविवार को एक फेसबुक पोस्ट में लिखा, बीजेपी के नेता गलत जानकारी और नफरत फैलाने के लिए फेसबुक का इस्तेमाल कर रहे हैं. कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने फेसबुक के आधिकारियों से सांठगांठ भी की, ताकि सोशल मीडिया पर नियंत्रण बना रहे.

एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने फेसबुक पर सवाल उठाए. उन्होंने ट्वीट किया. ‘अलग-अलग लोकतंत्र में फेसबुक के अलग-अलग मानक क्यों हैं? यह किस तरह का निष्पक्ष मंच है? यह रिपोर्ट बीजेपी के लिए नुकसानदेह है- बीजेपी के फेसबुक के साथ संबंधों का खुलासा हो गया है और फेसबुक कर्मचारी पर बीजेपी के नियंत्रण की भी प्रकृति सामने आई है.’

मामले पर फेसबुक की सफाई
फेसबुक ने इन सवालों के जवाब में रविवार को कहा, ‘हम हेट स्पीच और ऐसी सामग्री पर बंदिश लगाते हैं जो हिंसा को भड़काता है. हम ये नीति वैश्विक स्तर पर लागू करते हैं. हम किसी की राजनीतिक स्थिति या जिस भी पार्टी से नेता संबंध रख रहा, नहीं देखते हैं.’ फेसबुक के प्रवक्ता ने आगे कहा, ‘हम जानते हैं कि इस क्षेत्र में (हेट स्पीच और भड़काऊ कंटेंट को रोकने) और ज्यादा काम करने की जरूरत है. हम आगे बढ़ रहे हैं. निष्पक्षता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी प्रक्रिया का नियमित ऑडिट करते हैं.’

वहीं फेसबुक इंडिया की पब्लिक पॉलिसी डायरेक्‍टर अंखी दास ने धमकी देने के मामले में दिल्ली पुलिस में एक शिकायत दर्ज करवाते हुए कहा है कि उन्होंने उन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है जिन्होंने उन्हें धमकी दी है. मामले पर साउथ दिल्ली के डीसीपी ने बताया कि फेसबुक इंडिया की पब्लिक पॉलिसी डायरेक्‍टर अंखी दास की शिकायत मिली है और इस मामले में जांच की जा रही है.

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हालांकि, डीसीपी ने बताया कि इस मामले में अभी FIR दर्ज नहीं गई है. शिकायत में अंखी दास ने कहा है कि ऑनलाइन पोस्टिंग/कंटेंट के जरिये उनके जीवन और हिंसा का खतरा है. शिकायत में कुछ ट्विटर और फेसबुक हैंडल का जिक्र किया गया है, जहां से उन्हें धमकी मिली है. उन्होंने इस मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग की है.

जानिए क्या है बीजेपी फेसबुक विवाद ...

बता दे कि अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल में फेसबुक हेट-स्पीच रूल्स कोलाइड विद इंडियन पॉलिटिक्स हेडिंग से प्रकाशित रिपोर्ट के बाद भारत में सियासी माहोल गरम है. अमेरिकी अखबार की रिपोर्ट में कहा गया है कि फेसबुक भारत में बीजेपी नेताओं के हेट स्पीच के मामलों में नियम में ढील बरतता है.

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रिपोर्ट में कहा गया है कि तेलंगाना से बीजेपी नेता टी राजा सिंह की एक पोस्‍ट को लेकर फेसबुक कर्मचारियों ने भारत में बीजेपी नेता की हेट स्पीच के बारे में सोशल मीडिया कंपनी के शीर्ष अधिकारी को बताया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई. टी राजा सिंह की एक फेसबुक पोस्‍ट में मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा का समर्थन करने का दावा है. . वहीँ इस पर राहुल गांधी ने बीजेपी-आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि फेसबुक और वॉट्सऐप इनके कब्जे में हैं जिसके जरिये ये नफरत और फेक न्यूज फैलाते हैं.

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