Video: इंदौर में निकली परंपरागत झांकियां…

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इंदौर में अनंत चतुर्दशी पर एक बार फिर शहर की सांस्कृतिक परंपरा जीवित हो उठी। मिलों और अलग-अलग संस्थाओं द्वारा बनाई गई झांकियों को देखने इंदौर और आसपास के लोग पहुंचे। यहां देर रात तक लाखों लोगों ने नयनाभिराम झांकियों को निहारा। इंदौर में झांकियों के निकलने की परंपरा बहुत पुरानी है। इंदौर में बंद हो चुकी मिलों के मजदूर झांकियों का निर्माण करते हैं। वर्षों पहले बंद हो चुकी मिलों का नाम आज इन्हीं झांकियों के कारण ज़िंदा है।

इंदौर में अनंत चतुर्दशी पर खजराना गणेश मंदिर प्रबंधन , नगर निगम इंदौर, इंदौर विकास प्राधिकरण, कल्याण मिल, होप टेक्सटाइल मिल, मालवा मिल, हुकुमचंद मिल, स्वदेशी मिल, और राजकुमार मिल की झांकियां निकली।  इसके अलावा इंदौर के कई पुराने अखाड़ों के कलाकारों ने भी यहां अपना हुनर दिखाया।

झांकियों के क्रम में सबसे पहले खजराना गणेश महाराज की झांकी थी, इस झांकी में मुख्य पुजारी पंडित अशोक भट्ट उपस्थित थे। इसके बाद नगर निगम की झांकी शामिल थी, जिसमें नगर निगम एमआईसी के सदस्य और कर्मचारियों का दल मौजूद था। नगर निगम की झांकी के बाद ही इसमें इंदौर विकास प्राधिकरण की झांकी शामिल थी, झांकी के साथ दूसरी  गाड़ी मेंं इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष शंकर लालवानी लोगों का अभिवादन कर रहे थे।

झांकी के पीछे शिव पार्वती बने महिला और पुरुष नृत्य कर रहे थे। इसके बाद श्री गुरुदास व्यायाम शाला और महावीर व्यायाम शाला के कलाकारों और खलीफाओं का दल था। ये कलाकार एक से बढ़कर एक करतब दिखा रहे थे।  इंदौर विकास प्राधिकरण की झांकी के बाद ‘कल्याण मिल’  की झांकी को शामिल किया गया था

अनंत चतुर्दशी – कैलाश विजयवर्गीय ने जमाया रंग

झांकी में प्रतिवर्ष की तरह भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी शामिल हुए। विजयवर्गीय एक गाड़ी में ऑर्केस्ट्रा के साथ भजन गाते हुए चल रहे थे। उनके साथ उनके पुत्र आकाश विजयवर्गीय भी मौजूद थे। कैलाश विजयवर्गीय ने अपने भजनों पर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं झांकियों में श्याम बैंड, मालवा बैंड और अन्य बैंड भी शामिल हुए।

उत्कृष्ट झांकियां पुरस्कृत

अनंत चतुर्दशी झांकियों को अंत में जिला प्रशासन द्वारा पुरस्कृत भी किया गया। इनमें स्वदेशी मिल की मां कालिका की झांकी को प्रथम, हुकुमचंद मिल की डिज़्नीलैंड की झांकी को द्वितीय और राजकुमार मिल की मेरा नाम जोकर और मालवा मिल की भारत माता की रथ यात्रा को तृतीय पुरस्कार मिला। वहीं कल्याण मिल की भगवान शंकर की झांकी को विशेष पुरस्कार दिया गया।

अखाड़ों में छोगालाल उस्ताद व्यायामशाला को प्रथम, गाजी गुरु और बिन्दा गुरु व्यायामशाला को द्वितीय और अहिरवार चैतन्य व्यायामशाला एवं आदर्श व्यायामशाला को तृतीय पुरस्कार दिया गया। चिमनबाग उस्ताद के अखाड़े को विशेष पुरस्कार दिया गया।

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