राममंदिर और कुंभ बहाना, 2019 पर निशाना

1

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह शुक्रवार को इलाहाबाद दौरे पर हैं। उत्तरप्रदेश के साथ-साथ इस यात्रा को पूरे देश में अलग नज़रिये से देखा जा रहा है। इस दौरान भाजपा अध्यक्ष राममंदिर और कुंभ जैसे विशेष मुद्दों पर साधु -संतों से चर्चा करेंगे। हालांकि इन सबके पीछे मिशन 2019 की सफलता सुनिश्चित करना ही शाह का मकसद माना जा रहा है।

दरअसल , भाजपा के चाणक्य अमित शाह इस बात से भली-भांति परिचित हैं कि कुंभ के माध्यम से पूरे देश में हिंदुत्व का माहौल पैदा किया जा सकता है। साथ ही मंदिर मुद्दे को भी जिंदा रखा जा सकता है। यही वजह है कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी देश के सभी गांवों को कुंभ में आने का निमंत्रण-पत्र भेज रहे हैं यानी यूपी के सियासी कुंभ से पहले इलाहाबाद में आयोजित होने वाला यह महाकुंभ 2019 की दिशा तय करेगा।

इसके अलावा अमित शाह का यह इलाहाबाद दौरा कई अन्य मायनों में भी महत्वपूर्ण है। अपने एक दिवसीय दौरे से वे कई निशाने साधेंगे। शाह संतों के साथ पूजन-अर्चन और भोजन करेंगे। बाघम्बरी मठ में संतों के साथ उनकी मीटिंग होगी और हिन्दुत्व का रोडमैप तैयार होगा।

अखाड़ा परिषद के साथ भी उनकी बातचीत होगी और तय है कि बातचीत में संत राम मंदिर का मुद्दा भी उठाएंगे। इसके पहले भी अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि इलाहाबाद का नाम प्रयागराज करने और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर सीएम योगी से चर्चा कर चुके हैं। उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है।  और भाजपा का उद्देश्य भी साफ़ नज़र आ रहा है, उत्तरप्रदेश लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज कराने का सबसे मज़बूत राज्य माना जाता है।

अमित शाह : लोकसभा चुनाव के पूर्व अयोध्या..

अमित शाह का स्मार्ट फॉर्मूला

अमित शाह डरे हुए हैं या शिवराज !

Share.