स्मृति ईरानी की खोज में अमेठी की जनता, लगाये पोस्टर  

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उत्तर प्रदेश के अमेठी से BJP सांसद स्मृति ईरानी (Smriti Irani) अपने बडबोलेपन के लिए जाती  जाती है. लेकिन इस बार वे खुद जनता के सवालों में घिर गई है. जी हाँ छोटे परदे से देश की राजनीती में कदम रख कर आज केंद्रीय मंत्री बनी स्मृति के खिलाफ ‘लापता’ होने का पोस्टर उनके संसदीय क्षेत्र की शोभा बढ़ा रहा है . पोस्टर को ऑल इंडिया महिला कांग्रेस ने अपने ट्विटर हैंडल से  शेयर करने में भी देरी नही की साथ ही लिखा गया है कि अमेठी की जनता अपनी लापता सांसद को ढूंढ रही है. क्या वे अमेठी सिर्फ कंधा देने के लिए आएंगी?  अब चुनाव प्रचार के दौरान जनता के लिए हेंड पम्प हिलाने वाली स्मृति ईरानी चुप नही रहने वाली थी . एक के बाद एक कई ट्वीट कर कांग्रेस को जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि ये बताएं कि सोनिया जी कितनी बार गईं इस दौरान अपने क्षेत्र में?

स्मृति ईरानी ने ट्वीट किया, आपको मुझसे इतनी मोहब्बत थी ये पता नहीं था .. चलें अब कुछ आपको भी हिसाब दिया जाए. 8 महीने 10 बार 14 दिन का हिसाब है मेरे पास, लेकिन ये बताएं सोनिया जी कितनी बार गईं इस दौरान अपने क्षेत्र में?  एक अन्य ट्वीट में स्मृति ने लिखा, ‘कलेक्टर अमेठी , सुल्तानपुर, रायबरेली से सतत संपर्क एवं समन्वय के माध्यम से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का लाभ अमेठी के जन-जन तक पहुंचे ये प्रयास किया मैंने, बताएं सोनिया जी ने स्वयं कितनी बार प्रयास किया अपने क्षेत्र के लिए?

उन्होंने आगे लिखा, ‘लॉकडाउन में अमेठी में आपके नेताओं द्वारा जो वर्षों पुराना सपना दिखाया गया गरीब जनता को उस मेडिकल कॉलेज का काम करवाया योगी आदित्यनाथ जी के आशीर्वाद से. बताएं आज तक अमेठी के मेडिकल कॉलेज का एक बार भी अभिनंदन क्यूं नहीं किया.. खुश नहीं क्या आप अमेठी के लिए ? बीजेपी सांसद ने लिखा, ब्लॉक शाहगढ़ , विधानसभा गौरिगंज में खंभे पे काग़ज़ चिपकाया तो कम से कम अपना नाम तो लिख देते नीचे… इतना भी क्या शर्माना? कहीं ऐसा तो नहीं की अमेठी को कंधा देने की शर्मनाक बात कहने वाले जानते हैं की जनता उन्हें माफ़ नहीं करेगी?

उन्होंने कहा कि अब तक 22,150 नागरिक बस से एवं 8322 ट्रेन से मात्र अमेठी जनपद में लौटें हैं, वो भी पूरी क़ानूनी प्रक्रिया के बाद, एक एक परिवार, एक एक व्यक्ति का नाम बता सकती हूं… क्या ऐसा ही हिसाब सोनिया जी रायबरेली के लिए देना चाहेंगी? स्मृति ईरानी ने कहा कि अमेठी में कोरोना पहली बार तब आया जब आपके नेताओं ने लॉकडाउन के नियम तोड़े. अब आप चाहते हैं कि मैं क़ानून तोड़ के लोगों को घर से बहार निकलने के लिए प्रोत्साहित करूं ताकी आप ट्विटर खेल सकें. आपको अमेठी प्यारी ना होगी मुझे है. लोगों के जीवन से खिलवाड़ करना बंद करें. अब स्मृति सफाई दे रही है और किये गए कार्यो को गिनवा रही है लेकिन जनता के अनुसार सच तो यह है की कोरोना काल में स्मृति भी बस उन नेताओं की लिस्ट में शामिल है जो जनता से दुरी का सही सही पालन कर रहे है.

 

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