दो अमरीकी अर्थशास्त्रियों ने जीता अर्थशास्त्र का नोबेल

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अर्थशास्त्र के भी नोबेल पुरस्कार का ऐलान हो चुका है| इस बार जैसे सभी क्षेत्रों में संयुक्त रूप से नोबल प्राइज दिया जा रहा है, वैसे ही अर्थशास्त्र में भी दो लोगों को साथ में अवॉर्ड मिला| इस बार विलियम डी नोर्दहॉस और पॉल एम रोमर को यह पुरस्कार मिलेगा| इन्हें इकोनॉमिक ग्रोथ पर रिसर्च के लिए यह सम्मान दिया गया है| दोनों लंबे समय से इकोनॉमिक ग्रोथ के निर्धारकों पर काम कर रहे हैं|

पुरस्कार देने वाली रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेस ने बताया कि रोमर ‘वर्ल्ड बैंक के’ पूर्व चीफ इकोनॉमिस्ट हैं| उन्हें लंबे समय में मेक्रोइकोनॉमिक एनालिसिस में टेक्नोलॉजी के नए इनोवेशन के लिए यह सम्मान दिया गया तथा नोर्दहॉस को क्लाइमेंट चेंज इकोनॉमिक्स का पिता कहा जाता है| उन्हें मेक्रोइकोनॉमिक एनालिसिस में क्लाइमेट चेंज के इंटीग्रेशन के लिए  यह सम्मान दिया गया है| नोबेल ऐसे अर्थशास्त्री को दिया जाता है, जिसने इकोनॉमिक्स के क्षेत्र में बड़ा काम किया है, इसमें 10 लाख डॉलर की रकम मिलती है|

इस भारतीय को मिला था अर्थशास्त्र का नोबेल

कोलकाता में जन्मे अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन को 1998 में नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था|  वे जादवपुर विश्वविद्यालय दिल्ली स्कूल ऑफ इकानामिक्स और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में शिक्षक रहे हैं| वेवा हार्वड विश्वविद्यालय में प्राध्यापक हैं|

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