टॉयलेट सीट पर स्वर्ण मंदिर

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सिख धर्म एक ऐसा धर्म है, जिसका नाम हमेशा बहादुरी, परोपकार, रक्षा और देशभक्ति के लिए जाना जाता है। गुरुनानक देव से लेकर आज तक सिख धर्म के महापुरुषों ने भारत देश की आन-बान-शान को बढ़ाया है और भारत को दुनिया में आदरणीय व पूजनीय बनाया है। सिख धर्म की उसी आन-बान-शान का प्रतीक है, अमृतसर का स्वर्ण मंदिर, जिसकी चमक न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में दिखाई पड़ती है।

बाज़ारवाद के इस दौर में एक कड़वा सच यह भी है कि अपना माल बेचने के लिए विदेशी कंपनियां, हमारी आस्था, संस्कृति और धरोहर का मज़ाक बनाती हैं। ऐसा ही एक घृणित अपराध अमेज़न द्वारा किया गया। जहां यह सूचना मिली कि अमेज़न द्वारा, टॉयलेट नेपकिन और टॉयलेट कवर पर स्वर्ण मंदिर का चित्र अंकित किया गया है। अब आप ही सोचिए, जिसे मंदिर में होना चाहिए वह टॉयलेट में हो तो यह हमारे धर्म का मजाक नहीं है?

इस तरह के उत्पाद दिग्गज ई-कॉमर्स कम्पनी अमेज़न पर बेचे जाने को लेकर सिख संगठन ने आपत्ति दर्ज की है। सिख संगठन का कहना है कि सांस्कृतिक रूप से अनुचित और अपमानजनक उत्पाद अमेज़न से हटाए जाएं। सिख कोएलिशन की तरफ से मंगलवार को दिए गए एक बयान में कहा गया है कि उन्हें इस बात की सूचना मिली है कि कुछ विक्रेता, स्वर्ण मंदिर की तस्वीर वाले पायदान, कालीन और टॉयलेट सीट कवर अमेज़न पर बेच रहे हैं।

अमेजन के सीईओ जेफ बेजोस एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं जनरल काउंसल डेविड जेपोल्सकी को सिख कोएलिशन के सिम सिंह ने इस मामले में एक पत्र लिखा है। पत्र में सिम सिंह ने लिखा है, “हमें पता चला है कि कई विक्रेता आपके प्लेटफॉर्म पर ऐसी उत्पाद पोस्ट डाल रहे हैं, जिन पर स्वर्ण मंदिर की और पूरब की संस्कृति की आध्यात्मिक छवियां हैं। अशुद्ध एवं गंदी वस्तुओं के संपर्क में आने वाले उत्पादों पर धार्मिक एवं आध्यात्मिक तस्वीरों का इस्तेमाल करना पूरब से शुरू हुए सभी धर्मों के लिए अपमानजनक है और स्वर्ण मंदिर भी इससे अलग नहीं है। स्वर्ण मंदिर की तस्वीर कभी भी पायदान, कालीन या टॉयलेट सीट कवर पर नहीं होनी चाहिए।”

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