कारगिल विजय दिवस 2018: जानिए युद्ध का पूरा घटनाक्रम..

0

आज 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस है यानी ऐसा दिन जब हर भारतीय भारत का नागरिक होने पर गर्व महसूस करता है| कारगिल का युद्ध 3 मई 1999 को शुरू हुआ था, जो आज ही के दिन 26 जुलाई 1999 को समाप्त हुआ था| जान की बाजी लगाकर कारगिल युद्ध में विजय हासिल करने वाले सैनिकों की वीरता का जितना बखान किया जाए उतना कम है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कारगिल युद्ध के दौरान क्या-क्या हुआ था| आज हम आपको कारगिल के घटनाक्रम के बारे में बता रहे हैं, जिसे जानकर आप जवानों पर और गर्व करेंगे|

कारगिल की लगभग 18 हजार फीट ऊंची दुर्गम चोटियों पर लड़े गए युद्ध में पाकिस्तान को करारी मात देते हुए भारतीय सेना के 527 से अधिक जवानों और अधिकारियों ने वीरगति पाई थी| वहीं 1300 से ज्यादा घायल हुए थे|

इस युद्ध की शुरुआत पाकिस्तान ने 3 मई 1999 को तब की थी, जब उसने कारगिल की ऊंची पहाडि़यों पर 5,000 सैनिकों के साथ घुसपैठ कर कब्जा कर लिया था| इसके बाद भारतीय सेना की ओर से पाकिस्तानी सैनिकों को खदेड़ने के लिए ऑपरेशन विजय चलाया गया| जिस जगह पाक के सैनिकों ने कब्जा किया था, वहां बम गिराए गए, पाकिस्तान के कई ठिकानों पर आर-77 मिसाइलों से हमला किया गया| कहा जाता है कि द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद यह ऐसा युद्ध था, जिसमें दुश्मन की सेना पर इतनी बमबारी की गई थी|

कारगिल विजय दिवस घटनाक्रम

3 मई की घटना की जानकारी भारतीय सेना को एक चरवाहे के जरिये मिली थी| इसके बाद 5 मई को जब भारतीय सेना के कुछ जवान जानकारी लेने कारगिल पहुंचे तो पाकिस्तानियों ने उन्हें बंधक बना लिया और उनमें से 5 की हत्या कर दी| पाकिस्तानी सैनिकों ने 9 मई को भारतीय सेना का कारगिल में मौजूद सारा बम और बारूद नष्ट कर दिया| 10 मई को पहली बार द्रास, काकसार और मुश्कोह सेक्टर में पाकिस्तानी घुसपैठियों को देखा गया था| इसके बाद 26 मई को भारतीय वायुसेना को कार्रवाई के लिए आदेश दिया गया|

शुरू हुआ असली युद्ध

27 मई को भारतीय वायुसेना ने मिग-27 और मिग-29 का उपयोग कर फ्लाइट लेफ्टिनेंट नचिकेता को बंदी बना लिया| इसके बाद 28 मई को पाकिस्तान ने मिग-17 हेलीकॉप्टर मार गिराया| इसमें चार भारतीय जवान भी शहीद हो गए | 1 जून को एनएच- 1A पर पाकिस्तान ने हमला किया और गोलीबारी की| भारतीय सेना ने 6 जून को पूरी ताकत से जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी|

भारतीय सेना ने 9 जून को बाल्टिक क्षेत्र की 2 अग्रिम चौकियों पर फिर से कब्जा जमा लिया| जनरल परवेज मुशर्रफ और आर्मी चीफ लेफ्टिनेंट जनरल अजीज खान की बातचीत की रिकॉर्डिंग जारी की गई, जिसमें साफ़ हुआ कि हमले में पाकिस्तान सेना का हाथ है|

भारतीय सेना ने 13 जून को द्रास सेक्टर में तोलोलिंग पर कब्ज़ा कर लिया| इसके बाद 15 जून को तत्कालीन अमरीकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने परवेज मुशर्रफ से फोन पर कहा कि वह अपनी फौजों को कारगिल सेक्टर से बाहर बुला लें| भारतीय सेना ने अपनी कार्रवाई जारी रखते हुए 29 जून को टाइगर हिल के नजदीक दो महत्त्वपूर्ण चौकियों पॉइंट 5060 और पॉइंट 5100 को फिर कब्जे में ले लिया|

भारतीय सेना ने 2 जुलाई को कारगिल पर तीन तरफ से घेराव करके हमला किया| 4 जुलाई तक भारत ने टाइगर हिल पर अपना कब्जा जमा लिया था| इसके बाद 5 जुलाई को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने बिल क्लिंटन को बताया कि वे कारगिल से अपनी सेना को हटा रहे हैं| 11 जुलाई को पाकिस्तानी सैनिक जंग का मैदान छोड़कर भागने लगे| इसके बाद 11 जुलाई को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जीत की घोषणा की और पूरी तरह से इस युद्ध पर 26 जुलाई को विराम लगा| इसके बाद से ही इस दिन को कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जाने लगा|

Share.