अमरनाथ में भक्तों ने तोड़ा दो साल का रिकॉर्ड

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बाबा बर्फानी की अमरनाथ यात्रा 28 जून से शुरू हुई, जो रक्षाबंधन के दिन यानी 26 अगस्त को खत्म होगी|
इस बार बाबा के दर्शन की अवधि को 20 दिन और बढ़ाया गया है|  बाबा के दर्शन के लिए जाने वाले भक्तों के सामने कई मुश्किलें आईं, कई घटनाएं हुईं, कई लोगों की मौत भी हो गई| आतंकवाद  और मौसम की कठिनाइयां भी तीर्थयात्रियों के हौसले को तोड़ नहीं पाईं|

दरअसल, इस वर्ष बाबा के दर्शन को पहुंचे भक्तों ने पिछले दो वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया| इस साल अमरनाथ यात्रियों की संख्या 2017 के रिकॉर्ड को तोड़ चुकी है, जबकि अभी अमरनाथ यात्रा में चार सप्ताह बचे हुए हैं| सावन के महीने में बाबा के दर्शन को जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है| तीर्थयात्रियों की संख्या में वृद्धि के साथ ही कई चुनौतियां भी बढ़ गई हैं|

यात्रा के आयोजन से जुड़े एक प्रमुख संगठन ने जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल और अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष एनएन वोहरा से कहा है कि आने वाले समय में अमरनाथ यात्रा की अवधि को एक महीने के लिए सीमित कर दिया जाए क्योंकि व्यवस्थाओं के लिए समय की कमी हो जाती है| वहीं अवधि कम करने का एक कारण यह भी माना जा रहा है कि जलवायु परिवर्तन और तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या के कारण अमरनाथ की गुफा में बर्फ का शिवलिंग साल दर साल तेजी से पिघल रहा है| यह भी कहा जा रहा है कि धार्मिक भावनाओं के कारण यात्रा की अवधि को कम करना आसान नहीं है|

गौरतलब है कि बाबा के दर्शन के लिए यात्रा को सीमित करने के निर्णय का भाजपा लगातार विरोध कर रही है| भाजपा के एक मंत्री ने बताया कि 2012 में जब अमरनाथ यात्रा को 39 दिन के लिए सीमित किया गया था तो पार्टी ने राज्य में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था| उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाएं आहत नहीं होनी चाहिए क्योंकि यात्रा हिंदू कैलेंडर की ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन शुरू होती है और परंपरा के अनुसार श्रावण पूर्णिमा (रक्षाबंधन)  के दिन खत्म होती है|

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