केंद्रीय कर्मचारी संगठन आज हड़ताल पर, सरकार हुई सख़्त

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अपनी पगार बढ़ाने की मांग को लेकर सभी केंद्रीय कर्मचारी आज हड़ताल पर हैं। ये कर्मचारी संगठन 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक पे बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा ये लोग सरकार द्वारा जारी नई पेंशन योजना से भी नाखुश हैं। कर्मचारी चाहते हैं कि नई पेंशन योजना को हटा दिया जाए। वेतन बढ़ाने और नई अंशदायी पेंशन स्कीम को खत्म करने को लेकर की जा रही हड़ताल से केंद्र सरकार संतुष्ट नहीं है और केंद्र सरकार की तरफ से इस हड़ताल को लेकर उन्हें चेतावनी जारी की गई है।

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की तरफ से हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारियों के वेतन को काटने की चेतावनी जारी की गई है। विभाग ने कहा है कि जो भी कर्मचारी इसमें भाग लेंगे उनका भत्ता काट लिया जाएगा। साथ ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीओपीटी ने अपने निर्देश में कहा कि “सभी केंद्रीय कर्मचारियों को निर्देश दिया जाता है कि वे इस विरोध प्रदर्शन से दूर रहें। यह सीसीएस (कंडक्ट) नियम, 1964 के रूल 7 का उल्लंघन है।” साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने कई फैसलों में हड़ताल को सही नहीं बताया है।

केंद्रीय कर्मचारियों की मांग के अनुसार, न्यूनतम वेतनमान 18000 से बढ़ाकर 26000 रुपए कर दिया जाए। इसके विरुद्ध डीओपीटी ने सीनियर अफसरों को यह भी निर्देश दिया है कि वे अपने सबऑर्डिनेट अधिकारी को किसी प्रकार की छुट्टी न दें। फंडामेंटल रूल्स के रूल 17(1) के अनुसार, यदि कोई कर्मचारी बिना पूर्व सूचना के दफ्तर से गायब रहता है तो उसका वेतन और भत्ता कटेगा। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा सभी डिविजनल हेड से आग्रह किया है कि जो कर्मचारी हड़ताल में शामिल होंगे, उनकी पूरी संख्या और जानकारी के बारे में रिपोर्ट सौंपें। इस बार हड़ताल को लेकर सरकार बिलकुल सख़्त हैं।

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