भाजपा-कांग्रेस ने जैन मुनि तरुण सागर के निधन पर जताया दुख

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जैन मुनि संत तरुण सागर का 51 साल की आयु में निधन हो गया। उन्होंने पूर्वी दिल्ली के कृष्णा नगर इलाके में स्थित राधापुरी जैन मंदिर में अंतिम सांस ली। उनकी हालत पिछले दो दिनों से गंभीर बनी हुई थी। संत तरुण सागर को पीलिया था, लेकिन उन्होंने इलाज़ कराने से मना कर दिया था। तरुण सागर अपने कड़वे प्रवचनों के लिए प्रसिद्ध थे। उन्हें क्रांतिकारी संत भी कहा जाता था। जैन मुनि तरुण सागर के निधन पर सभी राजनीतिक दलों और नेताओं ने गहरा दुख जताया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह ने कहा कि देश ने एक राष्ट्रसंत खो दिया है। तरुण सागर को शत-शत नमन।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर लिखा कि पूज्य जैन मुनि तरुणजी महाराज के निधन के बारे में सुनते ही गहरा दुख हुआ। समाज में अध्यात्म के मानवीय मूल्य और ज्ञान का उनका योगदान ऋषि समुदाय के दृष्टिकोण से एक बहुत बड़ा नुकसान है।

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर लिखा कि जैन मुनि तरुणसागरजी महाराज के निधन का समाचार अत्यंत दु:खद है। जैन मुनि तरुणसागरजी महाराज ने हमेशा अपनी शिक्षाओं के माध्यम से समाज को राह दिखाने का कार्य किया है। उनकी वाणी हमें प्रेरित करती रहेगी। उनके अनुयायियों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। भावपूर्ण श्रद्धांजलि।

वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने लिखा कि, जैन मुनि तरुणसागर की मृत्यु की ख़बर सुनकर काफी दुखी हूं। वे केवल 51 वर्ष के थे। उनका छोटा जीवन हमेशा समाज में अपने समृद्ध योगदान के लिए याद किया जाएगा। यह मेरे लिए व्यक्तिगत नुकसान है, मैं उन्हें करीब से जानता था।

पश्चिम बंगाल से भाजपा सांसद और गायक बाबुल सुप्रियो ने ट्वीट कर लिखा, जैन मुनि तरुणसागरजी महाराज के निधन के बारे में सुनते ही गहरा दुख हुआ। अपने बुद्धिमान शब्दों के साथ वह समाज के लिए उज्जवल मार्गदर्शक प्रकाश थे। उनकी शिक्षा हमेशा हमारे दिल में रहेगी।

मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने ट्वीट किया कि जैनमुनि तरुणसागरजी के देवलोकगमन की दु:खद खबर सुनकर स्तब्ध हूं। एक ऐसे संत, जिन्होंने कड़वे प्रवचन से समाज में सदैव मिठास घोली, उनका प्रेरणादायी मार्गदर्शन हम सभी को हमेशा नई राह दिखाता था। उनकी यह कमी सदैव हम सभी को खलेगी। उनके चरणों में शत-शत नमन।

मप्र मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने ट्वीट कर लिखा कि, दमोह की धरती को नमन करता हूं, जो श्रद्धेय जैन मुनि तरुणसागरजी महाराज जैसे ईश्वर तुल्य विराट व्यक्तित्व की जननी है। अपने कड़वे प्रवचन से हमारे जीवन को सार्थक स्वरूप प्रदान करने वाले ऐसे संत सदियों में एक बार धरती पर आते हैं। गुरुदेव कृपावर्षा से आप हमारे ह्रदय में अमर रहेंगे।

भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने सोशल मीडिया के जरिये जैन मुनि तरुणसागर महाराज को श्रद्धांजलि दी है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा ने लिखा कि तरुणसागरजी भगवान महावीर के प्रतिनिधि के रूप में धरती पर आए थे और भगवान महावीर के विचार दर्शन को समाज में पर्याय बनाने के लिए अनथक परिश्रम किया।

– कुशाग्र वालुस्कर

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