राजीव गांधी पर ‘आप’ का यू टर्न

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आम आदमी पार्टी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने वाले मामले पर पूरी तरह से उलझ गई है। आम आदमी पार्टी इस प्रस्ताव पर अलग-अलग दावे पेश कर रही है। एक ओर जहां ‘आप’ की चांदनी चौक से विधायक अलका लांबा ने बगावती सुर अपनाते हुए कहा, “सदन में प्रस्तुत किए गए प्रस्ताव में पहले से ही राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने की बात छपी थी। वहीं दूसरी ओर विधानसभा स्पीकर रामनिवास गोयल इस बात से इनकार करते हुए कह रहे हैं कि प्रस्ताव में कहीं भी राजीव गांधी के नाम का ज़िक्र नहीं था बल्कि उसे विधायक सोमनाथ भारती ने भावावेश में आकर हाथ से लिखा था। इस मामले में लांबा ने इस्तीफ़ा दे दिया है।

अब राजीव गांधी के भारत रत्न वापसी के प्रस्ताव पर जहां आम आदमी पार्टी पूरी तरह से उलझ गई है वहीं अब इस मामले में कपिल मिश्रा भी कूद पड़े हैं। कपिल मिश्रा ने सदन की कार्रवाई का एक वीडियो ट्विटर पर पोस्ट किया और मुख्यमंत्री केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि हर बार की तरह इस बार भी आम आदमी पार्टी के नेता को बलि का बकरा बनाया गया। कपिल ने कहा कि अलका लांबा ने इस प्रस्ताव के पास होने की खबर सोशल मीडिया पर शेयर की इसलिए उनसे इस्तीफ़ा मांग लिया गया।

कपिल मिश्रा द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो में दिख रहा है कि विधानसभा स्पीकर गोयल भी राजीव गांधी विरोधी प्रस्ताव को स्वीकार करते दिख रहे हैं। इस पर ‘आप’ ने यू टर्न ले लिया है। आप नेता सौरभ भारद्वाज का इस मामले में कहना है, “राजीव गांधी से भारत रत्न छीनने वाला हिस्सा सोमनाथ भारती ने अपने हाथ से लिखा था।”

उन्होंने कहा, “मूल प्रस्ताव में हमने 1984 के नरसंहार के दोषियों को जल्द से जल्द सज़ा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की मांग की थी। राजीव गांधी के भारत रत्न से जुड़ा अमेंडमेंट सोमनाथ भारती ने अपने हाथ से लिखा था। सदन में मूल प्रस्ताव पास हुआ, लेकिन भारती का प्रस्ताव पास नहीं किया गया।” इसके बाद लांबा ने एक ट्वीट किया, जिसमें राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने वाला हिस्सा हाथ से लिखा हुआ नहीं बल्कि प्रिंट किया हुआ नज़र आ रहा है।

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