इंदौर: मां वेंटिलेटर पर, कैसे जमा करें एक लाख 17 हज़ार का बिल

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इंदौर के मेदांता हॉस्पिटल के अड़ियल रवैये के कारण एक जान सांसत में आ गई है| ऐसे में मरीज के परिजन को कुछ भी सूझ नहीं रहा है कि आखिर अब वे इस परेशानी से किस तरह निजात पाएं | दरअसल, पूरा मामला अस्पताल के अड़ियल रवैये के कारण पेचीदा हो गया है| परिजन का कहना है कि वे धार के रहने वाले हैं और वे अपने परिवार की 55 वर्षीय महिला शमशाद बी का इलाज करवाने इंदौर के मेदांता हॉस्पिटल आए थे|

बिल जमा कराने को लेकर अड़ा प्रबंधन

मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती शमशाद बी के पुत्र वसीम खान ने बताया कि उनकी मां को 19 अगस्त को अस्पताल लेकर आए थे| शमशाद बी ब्रेन हेमरेज से पीड़ित हैं और अस्पताल ने उनके ऑपरेशन का खर्च ढाई लाख रुपए बताया था| इसके बाद परिजन ने पहले ढाई लाख, फिर डेढ़ लाख, इसके बाद एक लाख और फिर  50 हजार रुपए जमा किए, लेकिन शमशाद बी ठीक नहीं हुई| वसीम ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन ने मरीज को ठीक करने के नाम पर अब तक लाखों रुपए वसूल लिए हैं और अब मरीज को घर ले जाने के लिए कहा जा रहा है, लेकिन इससे पहले अस्पताल प्रबंधन ने एक लाख 17 हजार का बिल जमा करने को कहा रहा है|

मैकेनिक है वसीम

अस्पताल में वेंटिलेटर पर शमशाद बी अपनी अंतिम सांसें गिन रही है| परिजन चाहते हैं कि उन्हें उनका मरीज वापस मिल जाए, लेकिन अस्पताल प्रबंधन रुपयों की मांग कर रहा है| बेटे वसीम ने बताया कि अब उनकी हालत नहीं है कि वह रुपया जमा करवा दे, वह एक मैकेनिक है और उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि अब कोई राशि जमा करवा सके| परिजन का आरोप है कि अस्पताल अब यह राशि छुट्टी के एवज में मांग रहा है जबकि परिवार की हालत यह हो गई है कि उनके पास धार जाने के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है|

कलेक्टर कार्यालय पहुंचे वसीम 

इस बीच शमशाद बी के बेटे वसीम ने बताया कि उन्हें कहीं से कोई मदद नहीं मिली है, ऐसे में उन्होंने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मदद की गुहार लगाई है| अब जैसे ही उनकी यहां किसी जिम्मेदार अधिकारी से भेंट होगी तो वे अपनी परेशानी बताएंगे|

मेदांता हॉस्पिटल की ओर से आया स्पष्टीकरण

इस मामले में जब सोशल मीडिया पर जानकारी आई तो टैलेंटेड इण्डिया ने मेदांता हॉस्पिटल के बिलिंग एचओडी वरुण मदान से बात की| मदान ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी मीडिया से मिली है| शमशाद बी के बेटे वसीम ने अब तक उनसे संपर्क नहीं किया है | यह एक दबाव बनाने का तरीका है| उन्होंने जितना अमाउंट बताया है, उतना तो उनका बिल ही नहीं है| उनका बिल 4 लाख 26 हजार का है, जिसमें से  2 लाख 90 हजार रुपए जमा है| वसीम द्वारा  5 लाख रुपए लेने के बाद 2 लाख रुपए की मांग की बात कहना निराधार है|

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