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एशिया की टॉप यूनिवर्सिटीज़ में भारत के 8 संस्थान

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क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2019 की लिस्ट जारी की गई है। रैंकिंग में भारतीय शिक्षण संस्थाओं में सुधार देखने को मिला है। रैंकिंग में पांच सौ एशिया के विश्वविद्यालय शामिल हुए। इसी के तहत टॉप सौ की रैंकिंग जारी की गई, जिसमें आठ भारतीय संस्थान शामिल हैं। नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर पहले स्थान पर, यूनिवर्सिटी ऑफ हांगकांग दूसरे और नान्यांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी तीसरे स्थान पर है।

इनको मिली जगह – क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग

– आईआईटी मुंबई – 33

– आईआईटी दिल्ली – 40

– आईआईटी मद्रास – 48

– आईआईएससी बेंगलुरू – 50

– आईआईटी खड्गपुर – 53

– आईआईटी कानपुर – 61

– दिल्ली विश्वविद्यालय – 62

– आईआईटी रुड़की – 86

आईआईटी मद्रास ने इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस को जगह नहीं मिलने पर मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र लिखकर शिकायत की है। इंस्टीट्यूट के चेयरमैन पवन गोयनका ने कहा कि जब कमेटी की सूची में इस संस्थान का दूसरा स्थान था तो फाइनल रेस से बाहर कैसे हो गया जबकि इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस के लिए नियम और शर्तों को संस्थान पूरा करता है। इसी कारण वह अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय रैंकिंग में शामिल है। यह देश के सर्वश्रेष्ठ इंजीनियरिंग व रिसर्च शिक्षण संस्थान में आता है।

गौरतलब है कि पिछले महीने सरकार ने दुनिया की सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थाओं की रेस में शामिल होने की तैयारी के कारण इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस का गठन किया था। इसके तहत तीन सरकारी और तीन प्राइवेट संस्थाओं को इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस के लिए चुना गया है। आईआईटी दिल्ली, आईआईटी मुंबई और आईआईएससी बेंगलुरू सरकारी संस्थान हैं। वहीं प्राइवेट क्षेत्र में मनिपाल एकेडमी, बिट्स पिलानी और रिलायंस फाउंडेशन के जियो इंस्टीट्यूट को शामिल किया गया है। इसमें से सरकारी संस्थानों को इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस का दर्जा मिल चुका है। उन्हें सरकार की ओर से विशेष बजट दिया जाएगा।

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