कृषि भवन में फर्जी इंटरव्यू के जरिये लाखों को ठगा और फिर…

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देश में बेरोजगारों की कमी नहीं है| ऐसे में अच्छी नौकरी का झांसा देकर कई लोग जालसाजी करते हैं| पुलिस ने हाल ही में एक ऐसे ही गिरोह का पर्दाफाश किया, जिसमें युवाओं को फर्जी जॉब का झांसा देकर ठगा जा रहा था| इतना ही नहीं जालसाज लोगों ने फर्जी इंटरव्यू के लिए उच्च सुरक्षा वाले कृषि भवन के सरकारी अधिकारियों के कमरे का भी उपयोग किया ताकि यह पूरी चयन प्रक्रिया असली लगे|

पुलिस ने जांच के बाद बताया कि रैकेट चलाने वाले लोगों ने युवाओं से नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपए ठगे थे| इस गिरोह में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर, एक ऑनलाइन स्कॉलरशिप फर्म का डायरेक्टर, एक ग्राफिक डिजाइनर, एक टेकी और एक इवेंट मैनेजर भी शामिल था| माना जा रहा है कि इस कार्य में सरकारी अफसरों की भी मिलीभगत है|

पुलिस अधिकारी के अनुसार, ग्रामीण विकास मंत्रालय के दो कर्मचारियों के साथ मिलकर गिरोह कार्य चलाता था| ये दोनों कर्मचारी उस अधिकारी के खाली कमरे का बंदोबस्त करते थे, जो छुट्टी पर होते थे| फिर पीड़ितों को फर्जी इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता था| आरोपी खुद को ओएनजीसी का बोर्ड मेंबर बताते और इंटरव्यू लेते| फिलहाल पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है| आरोपियों के पास से 27 मोबाइल फोन, 2 लैपटॉप, 10 चेकबुक, फर्जी आईडी कार्ड्स और 45 सिम कार्ड्स बरामद किए गए| आरोपियों की पहचान 32 वर्षीय किशोर कुणाल, 28 वर्षीय वसीम, 32 वर्षीय अंकित गुप्ता, 27 वर्षीय विशाल गोयल और 32 वर्षीय सुमन सौरभ के तौर पर हुई है| वहीं मंत्रालय के 58 वर्षीय जगदीश राज और 31 वर्षीय संदीप कुमार भी गिरोह में मिले हुए थे|

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