देश में खुलेंगे 65 हजार नए पेट्रोल पंप

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जल्द ही देश में 65 हजार नए पेट्रोल पंप खोले जाएंगे। इसके लिए अलग-अलग पेट्रोलियम कंपनियां डीलरशिप देगी। इसके लिए तेल कंपनियों ने अलग-अलग राज्यों के लिए अधिसूचना भी जारी कर दी है। तेल कंपनियां पिछले 4 सालों में पहली बार अपने रीटेल नेटवर्क का विस्तार करने जा रही हैं। तेल कंपनियों ने रविवार को देशभर में 65,000 जगहों पर पेट्रोल पंप डीलरशिप के लिए आवेदन मंगाने का ऐलान किया। हालांकि, आचार संहिता की वजह से चुनाव वाले राज्यों से डीलरशिप के लिए आवेदन नहीं मंगवाए गए हैं। यहां चुनाव के नतीजों के बाद आवेदन मंगवाए जाएंगे।

तेल कंपनियों ने जिन जगहों के लिए नए पेट्रोल पंपों का विज्ञापन दिया है, यदि वहां पंप बन गए तो इनका रीटेल नेटवर्क दोगुना हो जाएगा। हालांकि, पिछले अनुभवों को देखते हुए सभी प्रस्तावित जगहों पर पेट्रोल पंप खुले ही इसे लेकर संदेह है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने  बताया कि डीलरशिप देते समय तमाम मुद्दे सामने आते हैं। कहीं जमीन से जुड़ा मसला होता है तो कभी कई दूसरे तरह के फैक्टर होते हैं। अधिकारी ने बताया कि जितने नए पेट्रोल पंपों के लिए विज्ञापन दिया गया है, उनमें से 15 से 20 हजार जमीन पर उतर सकते हैं।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत में फिलहाल 62,585 पेट्रोल पंप हैं। इनमें से सिर्फ 6,000 को प्राइवेट कंपनियां चलाती हैं। दूसरी तरफ, देश में ईंधन की मांग 2017-18 में 5 प्रतिशत बढ़कर 20.5 करोड़ टन हो गई।

डीलर कर रहे हैं विरोध

पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा किए जा रहे इस विस्तार का डीलर ही विरोध कर रहे हैं। ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय बंसल ने  कहा कि मौजूदा आउटलेट्स की औसत बिक्री 170 किलोलीटर से घटकर 140 किलोलीटर हो चुकी है। एक तरफ जहां लागत बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ मार्जिन सिकुड़ रहा है। ऐसे में जब सरकार वैकल्पिक ईंधन की बात कर रही है तो नए पेट्रोल पंपों को खोलने का क्या तुक है।

सरकारी तेल कंपनियों को पिछले 4 सालों से अपने रीटेल नेटवर्क को विस्तार की इजाज़त नहीं मिली थी। सरकार पहले इसके लिए ऑफिशियल गाइडलाइंस को नए सिरे से तैयार करना चाहती थी। नई गाइडलाइंस आरक्षण के मानकों के अनुरूप है, लेकिन इनमें कंपनियों को नियुक्ति के दौरान कुछ संचालन संबंधी ढील भी दी गई है।

नए नियमों में कई रियायतें

नई गाइडलाइंस में डीलरशिप की शर्तों में कुछ नरमी बरती गई है। नई गाइडलाइन में आवेदकों के पास एक निश्चित फंड होने के नियम को खत्म कर दिया है। इसके अलावा जमीन संबंधी नियमों में भी ढील दी गई है। नए नियमों के मुताबिक, वे लोग भी पेट्रोल पंप के लिए आवेदन दे सकते हैं, जिनके पास जमीन नहीं है या वैसी फर्म, जो जमीन के मालिक के साथ टाइअप की हो। इससे पहले पेट्रोल पंप के लिए आवेदन देने के लिए बैंक में 25 लाख रुपए होने या दूसरी वित्तीय संपत्ति ज़रूरी थी। ग्रामीण क्षेत्रों में रेग्युलर आउटलेट के लिए 12 लाख रुपए ज़रूरी थे।

आवेदकों में से विजेताओं को ऑनलाइन ड्रॉ के माध्यम से चुना जाएगा। इसके बाद विजेताओं को 10 प्रतिशत सिक्योरिटी जमा करवानी पड़ेगी, जिसके बाद ही वेरिफिकेशन की प्रक्रिया शुरू होगी। इससे पहले सभी आवेदकों का वेरिफिकेशन होता था और सिर्फ अर्ह आवेदकों को ही ड्रॉ में शामिल किया जाता था। खास बात यह है कि पेट्रोल पंप डीलरशिप के लिए चयन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रहेगी।

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